
त्रिपुरा: ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी के काफिले पर हमला, TMC ने BJP पर लगाया आरोप
AajTak
ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी के काफिले पर त्रिपुरा में हमले की खबर है. तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यह हमला भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं ने किया.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के काफिले पर त्रिपुरा में हमले (Abhishek Banerjee convoy attacked) की खबर है. तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि यह हमला भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं ने किया. अभिषेक बनर्जी फिलहाल त्रिपुरा के दौरे पर हैं. टीएमसी पार्टी की तरफ से एक वीडियो पोस्ट किया गया है. Democracy in Tripura under @BJP4India rule! Well done @BjpBiplab for taking the state to new heights. pic.twitter.com/3LoOE28CpW Shocking display of absolute hooliganism by the @BJP4Tripura government! When it comes to BJP, ruthlessness and DISRESPECT FOR DEMOCRACY seems to be running the show. You can keep trying but you cannot erase us from the hearts of the people of #Tripura! Shameful attempt. pic.twitter.com/rB8jHuREJu
2002 का वह दिन था. पश्चिम एशिया के सात देशों के सात राजदूत दिल्ली में संघ के मुख्यालय 'केशव कुंज' में केएस सुदर्शन के साथ वार्त्तालाप करने के लिए उपस्थित थे. सभी राजदूत संघ प्रमुख केएस सुदर्शन की बातें सुनने के लिए दो घंटे तक जमीन पर बैठे रहे. इस चर्चा में के एस सुदर्शन ने भारत की हजारों वर्षों की समावेशी परंपरा से मुस्लिम देशों के राजदूतों को अवगत कराया. RSS के 100 सालों के सफर की 100 कहानियों की कड़ी में आज पेश है यही कहानी.

पुणे शहर में एक गंभीर सड़क हादसा उस समय हुआ जब एक नशे में धुत चालक ने तेज रफ्तार से वाहन चलाते हुए अपना संतुलन खो दिया. दुर्घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें वाहन सीधे सड़क किनारे लगे दुकानों से टकराता दिख रहा है. जोरदार टक्कर की वजह से दुकानों के शटर, सामान और ढांचे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. इस घटना के बाद पुलिस ने चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर वाहन को जब्त कर लिया है.

रिटायर्ड एसबीआई निदेशक राजकुमार मेहता को उनका बेटा युवराज फोन करता है 'मुझे बचा लीजिए, मैं डूब जाऊंगा… मेरी कार नाले में गिर गई है.' आधे घंटे बाद पिता घटना स्थल पर पहुंचते हैं. पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ के 80 कर्मचारी मौजूद होने के बावजूद संसाधनों की कमी और जोखिम के डर के चलते कोई पानी में नहीं उतरता. निक्कमे सिस्टम और बेबस पिता के सामने ही युवराज तड़प-तड़प कर दम तोड़ देता है.










