
तेल के बाद भारत ने बढ़ाई रूसी कोयले की खरीद, ये है बड़ी वजह
AajTak
भारत ने 2022 से रूसी कच्चे तेल की खरीद बढ़ा दी है और अब रूस भारत का शीर्ष तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है. अब खबर है कि भारत रूस से कोयले की खरीद भी बढ़ा रहा है. मई महीने में भारत ने रूस से रिकॉर्ड स्तर पर कोयले की खरीद की है.
रूस से भारी मात्रा में तेल खरीद रहे भारत ने रूसी कोयले की खरीद भी काफी बढ़ा दी है. मई के महीने में भारत का रूसी कोयला खरीद बढ़कर 13 लाख टन हो गया जो पिछले दो साल का उच्चतम स्तर है. रूसी कोयले की खरीद बढ़ने की वजह रूस का भारत को सस्ता और अच्छी क्वालिटी का कोयला देना बताया जा रहा है.
रूसी अखबार Kommersant ने शुक्रवार को एक रिपोर्ट में बताया कि रूस से भारत का कोयला खरीद बढ़ रहा है. रिपोर्ट में बताया गया कि रूस भारत को अपेक्षाकृत सस्ती दरों पर कोयला दे रहा है जिससे भारत के कुल कोयला आयात में रूसी कोयले का हिस्सा 7.5% हो गया है. इंडोनेशिया भारत का शीर्ष कोयला आपूर्तिकर्ता है जिससे मई में भारत ने 98 लाख टन कोयला खरीदा था. भारत अब रूस के हाई क्वालिटी कोयले की खरीद में वृद्धि कर रहा है.
कंसल्टिंग सर्विस प्लेटफॉर्म Bigmint के आकंड़ों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया कि मई में भारत का कुल कोयला आयात 10% बढ़कर 1.74 करोड़ टन हो गया जो कि जून 2024 के बाद से सबसे ज्यादा है.
रूसी कोयला खरीद बढ़ने की क्या है वजह?
नेशनल क्रेडिट रेटिंग्स में कॉर्पोरेट रेटिंग्स ग्रुप के डायरेक्टर नरीमन ताइकेतायेव ने रूसी अखबार को बताया कि रूस से कोयला खरीद बढ़ने की वजह रूसी कोयले की क्वालिटी और उसका इंडोनेशियाई कोयले से सस्ता होना है.
उन्होंने कहा कि रूस के कोयला आपूर्तिकर्ता भारतीय खरीददारों को अपेक्षाकृत कम कीमतों पर कोयला दे देते हैं और भारत की भविष्य की कोयला जरूरतों को रूस पूरा कर सकता है.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?







