
'तेंदुए' के हमले से हुई महिला की मौत, 3 महीने बाद खुला राज, भतीजे ने उतारा था मौत के घाट
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पुणे के दौंड तालुका में एक 51 साल की महिला की कथित तेंदुए के हमले में मौत की खबर सामने आई थी. गांव की निवासी लताबाई धावड़े की मौत के इस मामले में तीन महीने बाद जो खुलासा हुआ वह हैरान करने वाला था. मालूम हुआ कि उसके भतीजे ने ही उसकी हत्या की थी.
महाराष्ट्र के पुणे जिले के दौंड तालुका में एक 51 साल की महिला की कथित तेंदुए के हमले में मौत की खबर सामने आई थी. दौंड के कडेथान गांव की निवासी लताबाई धावड़े की मौत के इस मामले में तीन महीने बाद जो खुलासा हुआ वह हैरान करने वाला था. पुलिस ने पाया है कि वास्तव में लताबाई की हत्या उसके भतीजे ने की थी.
एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मृतक महिला के भतीजे अनिल धावड़े को उसकी हत्या और इसे गलत तरीके से जानवर के हमले की घटना के रूप में पेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. उन्होंने बताया कि धावड़े के अलावा यवत पुलिस नेॉ लताबाई धावड़े की हत्या के सिलसिले में एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. उन्होंने बताया, 'महिला 8 दिसंबर 2024 को गन्ने के खेतों के पास मृत पाई गई थी. उसके सिर पर चोट के निशान और उसके भतीजे द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर माना जा रहा है कि महिला की मौत तेंदुए के हमले में हुई है.
हालांकि, वन विभाग इस बात से सहमत नहीं था.' जांच के दौरान महिला के स्वाब को नागपुर स्थित फोरेंसिक प्रयोगशाला में भेजा गया. अधिकारी ने बताया कि रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया कि उसकी मौत किसी जानवर के हमले में नहीं हुई.
यवत पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नारायण देशमुख ने कहा,'उस रिपोर्ट के बाद,हमने जांच तेज कर दी और पाया कि अनिल धावड़े और उसके सहयोगी ने कथित तौर पर लताबाई की हत्या की और इसे जानवर के हमले का एनिमल अटैक बता दिया.'उन्होंने कहा कि इस इलाके में तेंदुओं की मौजूदगी है और धावड़े ने इस तथ्य का फायदा उठाकर यह कहानी गढ़ी कि उसकी चाची को तेंदुए ने ही मार डाला है. उन्होंने कहा कि हत्या के पीछे का मकसद अभी पता नहीं चल पाया है, मामले की सभी कोणों से जांच की जा रही है. पुलिस अधिकारी ने कहा, 'दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.

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