
तालिबान के आते ही तुर्की के राष्ट्रपति पलटे, दिया ये बड़ा बयान
AajTak
तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन तालिबान की मदद के लिए अफगानिस्तान में सैनिकों को बनाए रखना चाहते हैं और उन्होंने लीबिया की तर्ज पर सैन्य समझौते की पेशकश की है.
तुर्की अफगानों, अफगानिस्तान में तुर्किश नागरिकों की भलाई और अफगानिस्तान में अपने हितों की सुरक्षा के लिए किसी भी तरह के सहयोग के लिए तैयार है. तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन तालिबान की मदद के लिए अफगानिस्तान में सैनिकों को बनाए रखना चाहते हैं और उन्होंने लीबिया की तर्ज पर सैन्य समझौते की पेशकश की है. साथ ही वह अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तालिबान की भी मदद करना चाहते हैं. एर्दोगन ने काबुल एयरपोर्ट पर तुर्की के सैनिकों की मौजूदगी को बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि इससे नए अफगानिस्तान प्रशासन को मदद मिलेगी. एर्दोगन का तालिबान पर यह रुख हैरान करने वाला है. (फोटो-AP) अभी तक तुर्की तालिबान के विरोध में ही खड़ा रहा है. तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने कहा था कि तालिबान का रवैया सही नहीं है. एर्दोगन ने कहा था, हमारी नजर में, तालिबान का रवैया वैसा नहीं है, जैसा एक मुसलमान का दूसरे मुसलमान के साथ होना चाहिए. उन्होंने कहा था, "तालिबान को अपने ही भाइयों की जमीन से कब्जा छोड़ देना चाहिए." (फोटो-AP)
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. अयातुल्ला अली खामेनेई की हुकूमत ने प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए फांसी जैसे खौफनाक कदम उठाने का फैसला किया तो अमेरिका ने सीधे एक्शन की चेतावनी दे डाली. हालांकि बाद में ईरान और ट्रंप के ताजा बयानों ने दुनिया को थोड़ी राहत दी. मगर ईरान संकट अब सिर्फ एक देश का नहीं, बल्कि वैश्विक टकराव का संकेत बनता जा रहा है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है जो पहले वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को मिला था. मचाडो ने यह पुरस्कार ट्रंप को सौंपा और ट्रंप ने इसे खुशी-खुशी स्वीकार किया. यह घटना राजनीतिक जगत में खास तूल पकड़ रही है और दोनों नेताओं के बीच इस सम्मान के आदान-प्रदान ने चर्चा का विषय बना है. ट्रंप के लिए यह एक बड़ा सम्मान है जिसका उन्होंने खुले दिल से स्वागत किया.

अमेरिका ने ईरान पर हमले की चेतावनी के बाद अपने कदम फिलहाल वापस ले लिए हैं. हाल तक अमेरिका ईरान की हवाई और समुद्री घेराबंदी कर रहा था, लेकिन अब उसने मामले को डिप्लोमेसी के माध्यम से सुलझाने का अंतिम मौका दिया है. ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी देने का फैसला किया था, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने आर्मी को हमले के लिए तैयार रहने का आदेश दिया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की उनकी योजना का समर्थन न करने वाले देशों पर टैरिफ लगाया जा सकता है. इस बयान से यूरोपीय सहयोगियों के साथ तनाव बढ़ गया है. अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच बातचीत जारी है, जबकि डेनमार्क और कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने का फैसला किया है.

पाकिस्तान एक बार फिर भारत की सीमा में ड्रोन भेज रहा है. जनवरी से जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में छोटे और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन देखे गए हैं. सेना के मुताबिक ये आत्मघाती ड्रोन नहीं बल्कि निगरानी के लिए भेजे गए यूएवी हैं. माना जा रहा है कि पाकिस्तान भारत की सुरक्षा तैयारियों और प्रतिक्रिया समय को परखने की कोशिश कर रहा है.








