
तारीख पर चुप्पी, सत्ता पर साजिश का शक... बांग्लादेश में चुनाव को लेकर बढ़ता जा रहा असमंजस
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ह्यूमन राइट्स एंड पीस फॉर बांग्लादेश के अध्यक्ष मंजिल मुरशिद ने एक बयान में कहा, 5 अगस्त 2024 के बाद देश में एक साजिश देखी गई. प्रशासन ने जनता की मांग के अनुसार स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव कराने की दिशा में कदम नहीं उठाया है.
बांग्लादेश में आगामी आम चुनावों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. ह्यूमन राइट्स एंड पीस फॉर बांग्लादेश के अध्यक्ष मंजिल मुरशिद ने आशंका जताई है कि देश में चुनाव एक बार फिर से टल सकते हैं. अब तक चुनाव आयोग ने आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा नहीं की है.
मुरशिद ने एक बयान में कहा, 5 अगस्त 2024 के बाद देश में एक साजिश देखी गई. सरकार ने जनता की मांग के अनुसार स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव कराने की दिशा में कदम नहीं उठाया. इसी दौरान डॉ. मुहम्मद यूनुस अंतरिम सरकार के रूप में सत्ता में आए, जबकि संविधान में इसकी कोई व्यवस्था नहीं है.
उन्होंने आगे कहा कि आखिरकार मुख्य सलाहकार लंदन गए, जहां उन्होंने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात की. इस बैठक के बाद एक संयुक्त घोषणा हुई, जिसमें कहा गया कि फरवरी में चुनाव होंगे, लेकिन अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है. चुनाव आयोग ने अब तक कोई आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया है.
बांग्लादेश में चुनाव पर असमंजस...
दरअसल, बांग्लादेश में विपक्ष लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि सरकार चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है और निष्पक्ष चुनाव की संभावना पर संदेह बना हुआ है. अगर फरवरी में चुनाव होते भी हैं, तब भी यह देखना होगा कि क्या वे वास्तव में निष्पक्ष और समावेशी होंगे. फिलहाल, सबकी निगाहें चुनाव आयोग पर टिकी हैं.
'सरकार के सहयोग बिना चुनाव संभव नहीं...'

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