
ड्रैगन की आर्थिक उड़ान पर ब्रेक! चीन में बेरोजगारी के आंकड़े ने छुआ नया रिकॉर्ड
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जून 2023 में यह दर 21% से ऊपर चली गई थी. इसके बाद NBS ने आंकड़े प्रकाशित करना रोक दिया था. दिसंबर 2023 में जब नई पद्धति के तहत प्रकाशन दोबारा शुरू हुआ, जिसमें छात्रों को गणना से बाहर रखा गया था, तब यह दर छह प्रतिशत से अधिक घटकर आई थी.
चीन में युवाओं की बेरोजगारी दर एक बार फिर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (NBS) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2025 में 16 से 24 वर्ष के युवाओं की बेरोजगारी दर 18.9 प्रतिशत दर्ज की गई. यह पिछले वर्ष लागू नई गणना पद्धति के बाद से अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है.
गौरतलब है कि जून 2023 में यह दर 21% से ऊपर चली गई थी. इसके बाद NBS ने आंकड़े प्रकाशित करना रोक दिया था. दिसंबर 2023 में जब नई पद्धति के तहत प्रकाशन दोबारा शुरू हुआ, जिसमें छात्रों को गणना से बाहर रखा गया था, तब यह दर छह प्रतिशत से अधिक घटकर आई थी.
पिछले एक साल से बेरोजगारी दर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जबकि बीजिंग सरकार संघर्षरत अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने की कोशिश कर रही है. लगातार कमजोर होती घरेलू मांग और श्रम बाजार की स्थिति ने युवाओं की चिंताएं और बढ़ा दी हैं.
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार फैक्ट्री उत्पादन और खुदरा बिक्री भी अगस्त में सुस्ती का शिकार रहे और बीते लगभग एक साल में सबसे धीमी रफ्तार से बढ़े. सोमवार को NBS के मुख्य अर्थशास्त्री फू लिंगहुई ने माना कि घरेलू अर्थव्यवस्था की मांग “कमजोर” है और कई कंपनियां परिचालन कठिनाइयों का सामना कर रही हैं.
चीन की अर्थव्यवस्था पर यह दबाव ऐसे समय में है जब सरकार को कई मोर्चों पर जूझना पड़ रहा है. वर्षों से चला आ रहा रियल एस्टेट क्षेत्र का कर्ज संकट, घरेलू खर्च में सुस्ती और अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापारिक तनाव चीनी नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं.
NBS के अनुसार, अगस्त 2025 में चीन की कुल बेरोजगारी दर 5.3 प्रतिशत रही, जो जुलाई के 5.2 प्रतिशत से थोड़ी अधिक है. चीन के लिए युवाओं की यह बढ़ती बेरोजगारी एक गंभीर आर्थिक और सामाजिक चुनौती मानी जा रही है.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

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