
डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो की रक्षा प्रतिबद्धता पर दिया टालमटोल भरा जवाब, सहयोगी देशों की चिंता बढ़ी
AajTak
नीदरलैंड के द हेग में दो दिवसीय नाटो शिखर सम्मेलन शुरू हो गया है, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी हिस्सा ले रहे हैं. ट्रंप ने नाटो के अनुच्छेद 5 की व्याख्या पर असमंजस जताते हुए अमेरिका की सामूहिक रक्षा प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए, जिससे सहयोगी देशों में चिंता बढ़ा दी है.
Donald Trump on NATO: नाटो शिखर सम्मेलन नीदरलैंड के द हेग शहर में शुरू हो चुका है. दो दिवसीय सम्मेलन में शामिल होने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हेग पहुंच गए हैं. सम्मेलन में शामिल होने के पहले ट्रंप ने जो बयान दिया है उससे सहयोगी देशों की चिंता बढ़ा दी है.
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को सम्मेलन में शामिल होने से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, ‘अमेरिका सामूहिक रक्षा की गारंटी को मानेगा या नहीं यह आपकी परिभाषा पर निर्भर करता है. NATO के अनुच्छेद 5 के कई परिभाषाएं हैं. आपको पता है, है ना? हालांकि, मैं उनका दोस्त बनने के लिए प्रतिबद्ध हूं’.
ट्रंप की ओर से आए इस बयान ने यूरोपीय और अन्य सहयोगियों की चिंता को बढ़ा दी है कि अमेरिका सैन्य गठबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को जारी रखेगा या नहीं.
वहीं, NATO के प्रमुख मार्क रुटे ने आस्वस्त किया है कि अमेरिका की अपने सहयोगी देशों के लिए प्रतिबद्धता को लेकर उन्हें कोई संदेह नहीं है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की बोले - साथ मिलकर करेंगे शांति की प्राप्ति

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?










