
ट्रंप ने लगाया 10% टैरिफ... तो यूरोपीय संघ ने उठाया बड़ा कदम, रोकी ट्रेड डील
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अमेरिका के 10 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद यूरोपीय संघ ने बड़ा कदम उठाया है. ट्रंप के टैरिफ के जवाब में EU ने लंबे समय से चले आ रहे व्यापार समझौते पर बातचीत को रोक दी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को हर कीमत पर हासिल करना चाहते हैं. इस बीच, कुछ देश ट्रंप के इस कोशिश का विरोध कर रहे हैं.जिस कारण ट्रंप ने यूरोप के इन 8 देशों पर 10 फीसदी टैरिफ लगा दिया है, जो एक फरवरी से लागू होगा. ट्रंप का कहना है कि अगर ग्रीनलैंड को नहीं दिया जाता है तो इन देशों पर यह टैरिफ 1 जून से बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया जाएगा.
ट्रंप के इस फैसले के बाद यूरोपीय संघ (EU) ने बड़ा कदम उठाया है. यूरोपीय संघ ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लंबे समय से चल रहे ट्रांसअटलांटिक व्यापार समझौते को रोक दिया है. यूरोपीय संसद के वरिष्ठ सदस्यों ने इस फैसले की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि नए टैरिफ टेंशन ने उस राजनीतिक संदर्भ को मौलिक रूप से बदल दिया है, जिसमें समझौते को मंजूरी दी जानी थी.
अब करना होगा इंतजार यूरोपीय संसद के सदस्य सिगफ्रीड मुरेशान ने कहा कि सांसदों ने पिछले जुलाई में यूरोपीय संघ-अमेरिका व्यापार समझौते के साथ बढ़ने की तैयारी कर ली थी, जिससे यूरोपीय संघ में अमेरिकी आयात पर शुल्क समाप्त हो जाता. उन्होंने X पर लिखा कि हमें पिछले जुलाई में हुए यूरोपीय संघ-अमेरिका व्यापार समझौते को यूरोपीय संसद में जल्द ही मंजूरी देनी थी, जिसके तहत अमेरिका से यूरोपीय संघ में आयात पर टैरिफ घटाकर 0% कर दिया गया था. इस नई स्थिति में उस मंजूरी के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा.
अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच तनाव व्यापार समझौते पर पिछले साल जुलाई में ट्रंप और उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने हस्ताक्षर किए थे. इसके तहत यूरोपीय संघ से आयात पर अमेरिका द्वारा 15 प्रतिशत शुल्क लगाया गया, जबकि यूरोपीय संघ ने अमेरिकी निर्यात पर शुल्क न लगाने पर सहमति जताई. हालांकि अब इस नए टैरिफ से दोनों के बीच तनाव बनता दिख रहा है.
एक बयान में यूरोपियन पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष मैनफ्रेड वेबर ने कहा कि वाशिंगटन और ब्रुसेल्स के बीच बढ़ते तनाव के कारण इस समझौते को मंजूरी देना राजनीतिक रूप से असंभव हो गया है. वेबर ने लिखा कि ईपीपी यूरोपीय संघ-अमेरिका व्यापार समझौते के पक्ष में है, लेकिन ग्रीनलैंड को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों को देखते हुए, इस समय मंजूरी देना संभव नहीं है. अमेरिकी उत्पादों पर 0 प्रतिशत टैरिफ को फिलहाल स्थगित करना होगा.
ट्रंप के एक्शन पर देना चाहिए जवाब रिन्यू यूरोप की व्यापार समन्वयक कैरिन कार्ल्सब्रो ने कहा कि इस सप्ताह सांसदों की बैठक में इस समझौते को पूरा सपोर्ट नहीं मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ को अब अमेरिका की ट्रेड एक्शन पर कड़ा जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए. साथ ही इस टैरिफ का भी जवाब देना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि अगर दबाव और जबरदस्ती जारी रहती है, तो हम जवाबी टैरिफ या 'बाज़ूका' जैसे कड़े उपायों के इस्तेमाल से इनकार नहीं कर सकते. गौरलब है कि ट्रंप ने डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड और फिनलैंड पर टैरिफ का ऐलान किया है.

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