
ट्रंप और PM मोदी की ये आठवीं मुलाकात, जानिए इससे पहले कब और कहां मिले दोनों नेता, क्या हुई थीं बातें
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12-13 फरवरी को अमेरिका के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पीएम मोदी की मुलाकात होगी. दोनों नेताओं के बीच होने वाली ये मीटिंग कई मायनों में अहम मानी जा रही है. 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद ट्रंप ने नेतन्याहू के बाद पीएम मोदी को अमेरिका आने का न्योता दिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12-13 फरवरी को अमेरिका के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पीएम मोदी की मुलाकात होगी. दोनों नेताओं के बीच होने वाली ये मीटिंग कई मायनों में अहम मानी जा रही है. 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद ट्रंप ने नेतन्याहू के बाद पीएम मोदी को अमेरिका आने का न्योता दिया है. ट्रंप के तमाम फैसलों के चलते मची वैश्विक उथल पुथल के बीच होने वाली इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. लेकिन ये जानना जरूरी है कि आखिर ट्रंप और मोदी की अबतक कितनी बार मुलाकात हो चुकी है. दोनों नेताओं की इस मुलाकात के बाद क्या बदला है...
8वीं बार मिलेंगे ट्रंप और मोदी
बता दें कि ट्रंप और मोदी के बीच अबतक 7 बार मुलाकात हो चुकी है. ट्रंप दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं जबकि पीएम मोदी 2014 से भारत के प्रधानमंत्री हैं. दोनों नेताओं के बीच ये 8वीं मुलाकात है. लेकिन ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में यह पहला मौका है जब दोनों नेता एक दूसरे से मिलेंगे. हालांकि, राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद मोदी और ट्रंप की फोन पर बातचीत हुई थी. अब आइए एक नजर डालते हैं पहले की मुलाकातों पर...
2017 में हुई पहली मुलाकात
डोनाल्ड ट्रंप पहली बार 20 जनवरी 2017 को राष्ट्रपति बने थे. इसके करीब 5 महीने बाद प्रधानमंत्री मोदी से उनकी पहली मुलाकात 26 जून 2017 को हुई थी. पीएम मोदी ने वॉशिंगटन की यात्रा की थी. इस दौरान बातचीत रक्षा सहयोग, व्यापार और आतंकवाद विरोधी लड़ाई पर केंद्रित रही. दोनों नेताओं ने एक दूसरे को गले भी लगाया था.

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ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिकी और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर मिसाइल हमला किया है. मध्यपूर्व की सीमाओं से दूर किसी अमेरिकी ठिकाने पर ये ईरान काअबक का सबसे बजड़ा हमला है. डिएगो गारर्सिया बोहद रणनीतिक सैन्य अड्डा है. B-52 बॉम्बर विमान, लंबी दूरी के हमले के हथियार इस बेस पर मौजूद है.

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