
'टैक्स इंग्लैंड जैसा, सेवाएं सोमालिया जैसी', केंद्र सरकार के आम बजट पर बोले AAP सांसद राघव चड्ढा
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 48 लाख 21 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया. इसमें अकेले बिहार और आंध्र प्रदेश को 1 लाख करोड़ से ज्यादा की सौगात विकास के नाम पर दी गईं. इसको लेकर भी विपक्षी नेता केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं.
केंद्र की मोदी सरकार 3.0 ने मंगलवार को अपना पहला आम बजट पेश किया. इस बजट को लेकर जहां सरकार ने कई बड़े दावे किए तो वहीं विपक्ष इस पर निशाना साध रहा है. इस कड़ी में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा. राघव चड्ढा ने कहा कि भारत में टैक्स इंग्लैंड की तरह लिया जाता है, पर सेवाएं सोमालिया की जैसी मिलतीं हैं.
उन्होंने कहा कि पिछले दस सालों में केंद्र सरकार ने टैक्स लगा लगाकर आम आदमी का खून चूसा है. भारतीय जनता पार्टी के 2024 के चुनावों में दुर्दशा तीन कारण हैं. पहला कारण इकनॉमी है, दूसरा कारण इकॉनमी है और तीसरा भी इकॉनमी है.
बजट की 10 बड़ी बातें-
1. न्यू टैक्स रिजीम में राहत. अब 3 से 7 लाख की इनकम पर 5% टैक्स. 2. कैंसर की दवा, सोना-चांदी, मोबाइल फोन, बिजली के तार और एक्सरे मशीन सस्ती. 3. पहली नौकरी वालों के लिए EPFO में 15 हजार रुपये की मदद. 4. देशभर के संस्थानों में एजुकेशन लोन मिलेगा और एजुकेशन लोन पर 3% ब्याज सरकार देगी. 5. बिहार और आंध्र प्रदेश को विशेष पैकेज का ऐलान. बिहार को 58.9 हजार करोड़ रुपये. आंध्र प्रदेश को 15 हज़ार करोड़ रुपये. बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए विशेष स्कीम. 6. एग्रीकल्चर के लिए ₹1.52 लाख करोड़ रुपये. हालांकि बजट में MSP पर कोई ऐलान नहीं किया गया. 7. हर साल 20 लाख युवाओं को इंटर्नटशिप. 8. महिलाओं और लड़कियों को लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं के लिए 3 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान. 9. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1 करोड़ घरों को 300 यूनिट हर महीने फ्री बिजली. 10. मुद्रा लोन 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया गया.
बिहार और आंध्र प्रदेश को कई तोहफे
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 48 लाख 21 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया. इसमें अकेले बिहार और आंध्र प्रदेश को 1 लाख करोड़ से ज्यादा की सौगात विकास के नाम पर दी गईं. बिहार को 58500 करोड़ रुपये और आंध्र प्रदेश को 15000 करोड़ रुपये विकास परियोजनओं के लिए देने का ऐलान हुआ है. इसको लेकर भी विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा. विपक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र में सहयोगी दलों की मदद से बनी सरकार को बनाए रखने के लिए ये फैसला किया गया.

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