
टूटी पटरियां, गायब फिशप्लेट... पाकिस्तान रेल हादसे में 34 मौतों पर आई रिपोर्ट
AajTak
कराची से रावलपिंडी जा रही हजारा एक्सप्रेस ट्रेन रविवार को कराची से 275 किलोमीटर दूर नवाबशाह के सरहरी रेलवे स्टेशन के पास पटरी से उतर गई थी. रेल हादसे में 34 लोगों की मौत हो गई, जबकि 80 से ज्यादा घायल हुए थे.
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रविवार को हुए भीषण रेल हादसे में 34 लोगों की मौत हो गई, जबकि 80 से ज्यादा घायल हुए थे. शुरुआती जांच में सामने आया है कि फिशप्लेट गायब होने और टूटी पटरी होने की वजह से ये हादसा हुआ. हालांकि, अधिकारी छेड़छाड़ की संभावना से भी इनकार नहीं कर रहे हैं. कराची से रावलपिंडी जा रही हजारा एक्सप्रेस ट्रेन रविवार को कराची से 275 किलोमीटर दूर नवाबशाह के सरहरी रेलवे स्टेशन के पास पटरी से उतर गई थी. पाकिस्तानी समाचार पत्र द डॉन के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया कि हजारा ट्रेन जिस ट्रैक से जा रही थी, उसकी पटरी टूटी हुई थी, इसके अलावा दो फिशप्लेट भी गायब थीं.
पाकिस्तान रेलवे की 6 सदस्यीय जांच टीम ने कहा, सभी पहलुओं की जांच करने के बाद, हम इस नतीजे पर पहुंचे कि दुर्घटना पटरी टूटने और फिशप्लेट गायब होने की वजह से हुई. कमेटी ने ट्रेन के इंजन के फिसलने को भी हादसे की वजह माना है.
हालांकि, कुछ रेलवे अधिकारी तोड़फोड़ की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं. इसके अलावा, दुर्घटना स्थल से आगे लोहे की फिशप्लेट और लकड़ी के टर्मिनल पर कोई चीज मारे जाने के मामूली निशान पाए गए. ऐसे में रिपोर्ट में इस दुर्घटना के लिए इंजीनियरिंग शाखा और मैकेनिकल शाखा को जिम्मेदार ठहराया जाता है.
रेलवे जांच टीम के दो सदस्यों ने इस रिपोर्ट पर असहमति दिखाई है. इनमें से एक अधिकारी के मुताबिक, इंजन एक्सल का जाम होना ट्रेन के पटरी से उतरने का वास्तविक कारण है. इंजन एक्सल जाम होने के चलते फिशप्लेट्स पर निशान मिले हैं. एक्सल के लगातार जाम होने के चलते फिशप्लेट्स टूट कर गायब हुईं. हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि यह शुरुआती रिपोर्ट है. फाइनल रिपोर्ट आने में थोड़ा समय लगेगा. रिपोर्ट में कहा गया है, एक विस्तृत जांच चल रही है. रेलवे के इंस्पेक्टर भी इस त्रासदी के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए मौके पर मौजूद हैं. इस हादसे में कई महिलाएं और बच्चे भी मारे गए हैं. कई परिवारों ने अपने कमाने वालों और करीबी लोगों को खो दिया. सोमवार को मृतकों के शवों को दफनाना शुरू कर दिया गया.

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता अभी भी कायम है. दावोस में दिए अपने भाषण में उन्होंने डेनमार्क को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि वह एहसानफरामोश निकला, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड को दिया था, लेकिन अब डेनमार्क इसका सही उपयोग नहीं कर रहा है. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और वह इसे लेना चाहते हैं.

'PM मोदी की बहुत इज्जत करता हूं, जल्द अच्छी ट्रेड डील होगी', टैरिफ धमकियों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.









