
टीवी, कूलर, अलग किचन, एक्सरसाइज इक्विपमेंट, टहलने की जगह... जेल में इमरान खान को मिल रही हैं ये सुविधाएं
AajTak
सुप्रीम कोर्ट को दी गई जानकारी में कहा गया है कि जेल में इमरान शान की सेल में टीवी, कूलर, जिम का सामान और अन्य सुविधाएं दी गई हैं. इसके साथ ही उन्हें अलग से किचन की सुविधा भी दी गई है. इमरान की सेल से सटकर एक वॉकिंग एरिया भी है, जहां वह वॉक कर सकते हैं.
पाकिस्तान की अदियाला जेल में बीते एक साल से बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान लगातार सुर्खियों में हैं. लेकिन इस बार चर्चा में है जेल के भीतर उन्हें मिल रही बेतहाशा सुविधाएं. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इसकी जानकारी दी.
सुप्रीम कोर्ट को दी गई जानकारी में कहा गया है कि जेल में इमरान शान की सेल में टीवी, कूलर, जिम का सामान और अन्य सुविधाएं दी गई हैं. इसके साथ ही उन्हें अलग से किचन की सुविधा भी दी गई है. इमरान की सेल से सटकर एक वॉकिंग एरिया भी है, जहां वह वॉक कर सकते हैं.
बता दें कि इमरान खान (71) पिछले साल सितंबर से रावलपिंडी की हाई सिक्योरिटी अदियाला जेल में बंद हैं. उन्हें अटक जेल से यहां शिफ्ट किया गया था. वह तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में सजा काट रहे हैं.
इससे पहले 30 मई को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष इमरान खान ने कहा था कि वह जेल में एकांत कारावास में रह रहे हैं. सरकार ने उन पर पाबंदी लगा रखी है कि वह अपने वकीलों या परिवार के सदस्यों से नहीं मिल सकते.
लेकिन सरकार ने कोर्ट के समक्ष खान के दावों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें जेल में मुहैया कराई जा रही सुविधाओं की पूरी लिस्ट दी है. इस लिस्ट के साथ इमरान खान की तस्वीरें भी कोर्ट के समक्ष पेश की गई हैं, जहां वह जेल के भीतर सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं और अपनी लीगल टीम के साथ मुलाकात कर रहे हैं.
सरकार ने कहा है कि इमरा खान अपने सेल से सटे वॉकिंग एरिया में सैर भी करते हैं. उनके कमरे में कूलर और टीवी लगा है. अलग से किचन की सुविधा है, किताबें मुहैया कराई गई है, जिन्हें पढ़ने के लिए स्टडी टेबल भी दी गई है. साथ ही जिम का सामान भी उन्हें उपलब्ध कराया गया है. सरकार ने कोर्ट के समक्ष वह लिस्ट भी मुहैया कराई है, जिनके साथ खान ने जेल में मुलाकात की है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा. कई टॉप कमांडर्स के मारे जाने के बाद भी ईरान, अमेरिका और इजरायल पर जबरदस्त पलटवार कर रहा है. ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. ना तो ईरान के तेवर कमजोर पड़ रहे और ना ही NATO और दुनिया के तमाम देश ट्रंप का साथ दे रहे. सवाल है क्या ईरान को हराना ट्रंप के लिए 'नाक की लड़ाई' बन गई है? देखें हल्ला बोल.

ईरान ने भी अपनी मिसाइल ताकत को दुनिया के सामने पेश किया है और ईरान ने हिंद महासागर में मौजूद ब्रिटेन के सैन्य बेस पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर दो लॉन्ग रेंज मिसाइलों से हमला किया है. हम आपको बता दें कि ईरान से दिएगो गार्सिया की दूरी करीब 4 हजार किलोमीटर है. ईरान ने दिएगो गार्सिया की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी जिसमे एक को बीच में ही नष्ट करने का दावा किया जा रहा है.

अमेरिका ने ईरानी तेल पर 30 दिन की छूट दी, लेकिन ईरान ने एक्स्ट्रा तेल होने से इनकार कर दिया. दोनों के दावों से वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है. दुनियाभर के मुल्क ये उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अमेरिकी की ओर से छूट मिलने के बाद ईरान का तेल उन्हें मिलेगा. लेकिन, ईरान के बयान से सभी को बड़ा झटका लगा है.

ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिकी और ब्रिटिश संयुक्त सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर हमला किया है. मध्यपूर्व की सीमाओं से दूर किसी अमेरिकी ठिकाने पर ये ईरान का अबतक का सबसे बड़ा हमला है. वहीं ईरान ने ब्रिटेन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ब्रिटेन अमेरिका को ब्रिटिश सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने देता है तो इसे सीधे आक्रामक कार्रवाई में भागीदार माना जाएगा.









