
ज्यादा घंटों तक काम करना क्यों जरूरी है? भारतीय मूल के इस अमेरिकी कारोबारी ने समझाया
AajTak
इन्फोसिस के फाउंडर नारायणमूर्ति के हफ्ते में 70 घंटे से ज्यादा लंबे समय तक काम करने वाले बयान पर बवाल हो गया था. इसी तरह की बात अब भारतीय मूल के अमेरिकी कारोबारी नीरज शाह ने भी कही है. उन्होंने कहा कि कामयाबी के लिए ज्यादा लंबे समय तक काम करना जरूरी है.
इन्फोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ति ने अक्टूबर में कहा था कि भारतीयों को हफ्ते में 70 घंटे काम करना चाहिए, ताकि भारत तेजी से तरक्की करे. उनके इस बयान पर काफी बवाल खड़ा हो गया था. नारायणमूर्ति की तरह ही अब भारतीय मूल के अमेरिकी कारोबारी ने भी ज्यादा देर तक काम करने की वकालत की है.
ऑनलइन फर्नीचर कंपनी Wayfair के सीईओ नीरज शाह ने अपनी कंपनी के कर्मचारियों को ज्यादा घंटों तक काम करने को कहा है. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को ज्यादा घंटों तक काम करने से शरमाना नहीं चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि आलसपन कामयाबी की सीढ़ी है, इस बात के कोई सबूत नहीं है.
उन्होंने कहा, 'ज्यादा घंटों तक काम करें, वर्क और लाइफ को बैलेंस करिए, इसमें कोई शरमाने वाली बात नहीं है.'
अपने कर्मचारियों को भेजे ई-मेल में शाह ने कहा, 'कामयाबी कड़ी मेहनत मांगती है. मेरा मानना है कि महात्वाकांक्षी व्यक्ति होने के नाते हममें से ज्यादातर लोग खुद को सफल देखना चाहते हैं.'
उन्होंने कहा कि 'मेरे बारे में बहुत सी बातें कही जाती हैं, जो मुझे निराश करती हैं. मेरे बारे में मैंने हाल ही में सुना है कि 'नीरज ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि हमें देर तक काम करना चाहिए', मैं बता दूं कि ये हास्यास्पद रूप से झूठ है.'
शाह ने कहा, 'कामयाबी के लिए कड़ी मेहनत जरूरत है और काम पूरा करने का एक अहम हिस्सा है. हर कोई अच्छा जीवन जीने का हकदार है. हर कोई इसे अपने तरीके से मैनेज करता है. महत्वाकांक्षी लोग वर्क और लाइफ में सही तरीके से बैलेंस करने के तरीके ढूंढते हैं.'

पाकिस्तान ने देर रात अफगानिस्तान पर एयर स्ट्राइक की. पाकिस्तान ने काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया. इसमें 400 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा है और 250 से ज्यादा लोगों घायल हैं. तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल पर बम गिराए. तालिबान ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया है और कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की हवाई सीमा का उल्लंघन किया है. वहीं पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया.

ईरान UAE के शहरों पर भीषण हमले कर रहा है. दुबई मॉल के आसपास स्थित पुलों पर अब बिल्कुल सन्नाटा पसरा हुआ है. रात के 11 बजे होने के बावजूद वहां लोग नहीं दिख रहे हैं जो आमतौर पर बहुत भीड़ होती थी. यहां के प्रसिद्ध रेस्टोरेंट पहले फुटबॉल मैच देखने वालों से भरे रहते थे और जगह कम पड़ जाती थी. लेकिन अब वहां केवल कुछ ही लोग हैं और रेस्टोरेंट के अंदर भी भीड़ बिलकुल नहीं है. बुर्ज खलीफा के पास का इलाका भी पूरी तरह शांत है, जहां कभी शोर शराबा होता था, अब वहां एकदम सन्नाटा है. देखें वीडियो.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ उनका ऑपरेशन पूरी ताकत से जारी है. उन्होंने बताया कि अब तक 7,000 से अधिक ईरानी सैन्य ठिकानों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है. ट्रंप ने कहा कि मिसाइल और ड्रोन फैक्ट्रीज सहित सभी सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया गया है, और ईरान की नेवी और एयर फोर्स को भी पूरी तरह खत्म कर दिया गया है. देखें वीडियो.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से तेल के बाजार में उथल-पुथल मची है. ट्रंप की मुश्किल ये है कि कुछ महीने बाद नवंबर में अमेरिका में मिडटर्म चुनाव होने हैं. जिसे देखते हुए ट्रंप की पार्टी के ही लोग इकॉनमी पर उनसे ज्यादा ध्यान देने की मांग कर रहे हैं. तेल के दाम बढ़ने से अमेरिका में महंगाई भी धीरे धीरे बढ़ रही है. ऐसे में अगर ये युद्ध लंबा खिंचता है तो इससे ट्रंप की सियासी मुसीबत बढ़नी तय हैं. देखें वीडियो.

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मिडिल ईस्ट वॉर से भी पहले से जंग चल रही है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार टीटीपी जैसे आतंकी समूहों को पनाह दे रही है जो पाकिस्तान में हमले करते हैं. लेकिन तालिबान ने इन आरोपों को खारिज किया है. दोनों देशों का झगड़ना चीन के हितों के खिलाफ जा रहा है जिसे देखते हुए उसने एक प्रस्ताव रखा था. पाकिस्तान ने सामने से उसे खारिज कर दिया है.

भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिना भारतीय दूतावास की अनुमति और संपर्क के किसी भी जमीनी सीमा को पार करने की कोशिश न करें. दूतावास ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर लोगों को गंभीर लॉजिस्टिक और इमीग्रेशन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. यह सलाह अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच जारी की गई है. दूतावास ने भारतीयों से आधिकारिक संपर्क में रहने और हेल्पलाइन नंबरों पर मदद लेने की अपील की है. दूतावास ने कहा, 'हमें बताए बिना ईरान न छोड़ें'. दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.







