
जोधपुर: 3 साल से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर, विदेशी लोगों को बनाता था निशाना, 8 गिरफ्तार
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जोधपुर पुलिस ने ऐसे फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है जिसके जरिए कुछ लोग विदेशी लोगों से ठगी करते थे. पुलिस ने गिरोह के 8 लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं, गिरोह का मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है. फिलहाल, आठों आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर दो दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा गया है.
राजस्थान के जोधपुर में पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा करते हुए 8 लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं, मुख्य आरोपी फरार है. पुलिस का कहना है कि उसकी तलाश की जा रही है. पुलिस ने पकड़े गए आठों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया है. कोर्ट के आदेश पर सभी को दो दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा गया है.
शास्त्री नगर थाना अधिकारी जोगेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि शुक्रवार की शाम जानकारी मिली कि साइबर पार्क के मनोहर बिल्डिंग में फर्जी कॉल सेंटर का संचालन किया जा रहा है. इसके बाद पुलिस ने छापा मारकर 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया. पकड़े गए आरोपियों में चार नागालैंड दो अहमदाबाद एक नैनीताल और एक मुंबई का रहने वाला है. इन सभी आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट में मामला दर्ज किया गया है.
गिफ्ट मनी को भारतीय रुपयों में कर लेता था कन्वर्ट
इस फर्जी कॉल सेंटर की जांच सरदारपुरा थाने के अधिकारी को सौंपी गई है. इस गिरोह का सरगना अहमदाबाद का रहने वाला पार्थ भट्ट है. सभी लोग विदेश में कॉल कर ऑनलाइन आर्डर को कैंसिल या रिफंड कराने की बात कहकर लोगों को चूना लगाते थे. साथ ही इसके एवज में उनसे गिफ्ट मनी के रूप में पैसे ले लेते थे. इसके बाद पार्थ भट्ट गिफ्ट मनी को भारतीय रुपयों में कन्वर्ट कर लेता था.
ऐप के जरिए हैक करते थे लोगों का डाटा
पार्थ भट्ट कॉल सेंटर में हर रोज रात 11:30 से 2 के बीच में आता था. पता चला कि यह कॉल सेंटर पिछले 3 साल से चल रहा था. आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि ये लोग एनीडेस्क ऐप के जरिए लोगों का डाटा हैक करते थे. डाटा के आधार पर अमेजॉन के ऑर्डर की डिटेल से वॉइस मैसेज भेजते थे. इसके बाद खुद को अमेजॉन का प्रतिनिधि बताकर ग्राहकों से बात करते थे.

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