
जेब काट रही बेमौसम बारिश और भयानक गर्मी? पढ़ें- लगातार कम हो रही महंगाई 9 महीने बाद अचानक कैसे बढ़ गई?
AajTak
कई महीनों से कम हो रही महंगाई दर 9 महीने बाद फिर हाई लेवल पर पहुंच गई है. सरकार की ओर से जारी आंकड़ों में बताया गया है कि सितंबर महीने में खुदरा महंगाई दर लगभग साढ़े पांच फीसदी रही. इससे पहले इतनी महंगाई दर पिछले साल दिसंबर में थी.
महंगाई एक बार फिर बढ़ी है. सोमवार को जो आंकड़े सामने आए हैं, वो बताते हैं कि नौ महीने बाद खुदरा महंगाई दर यानी रिटेल इन्फ्लेशन रेट में बढ़ोतरी हुई है. अगस्त में खुदरा महंगाई दर 3.65% रही थी, जो सितंबर में बढ़कर 5.49% पहुंच गई. यानी, महीनेभर में ही महंगाई दर 2 फीसदी तक बढ़ गई.
नौ महीने बाद महंगाई दर बढ़ी है. दिसंबर 2023 में खुदरा महंगाई दर 5.69% रही थी. इसके बाद से ही महंगाई घट रही थी. जुलाई और अगस्त में तो ये 4% से भी नीचे आ गई थी. लेकिन अब एक बार फिर ये साढ़े पांच फीसदी के ऊपर पहुंच गई है.
सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, गांवों में अब भी महंगाई दर शहरों की तुलना में थोड़ी ज्यादा है. सितंबर के महीने में गांवों में खुदरा महंगाई दर 5.87% तो शहरी इलाकों में 5.05% रही.
सब्जियों की कीमतों में लगी आग
भयंकर गर्मी, कम समय में ज्यादा बारिश और कहीं सूखा पड़ने की वजह से फसलें बर्बाद हो रहीं हैं. इससे सब्जियां, फल, दाल और खाने-पीने की चीजों की कीमतों में आग लग गई.
अक्टूबर में ही आई आरबीआई की रिपोर्ट बताती है कि 2011-12 से 2019-20 यानी 10 साल में सब्जियों की कीमतें इतनी नहीं बढ़ीं, जितनी इस साल के पांच महीनों में बढ़ गई.

अहमदाबाद के घाटलोडिया इलाके में नेशनल स्कूल के बाहर दसवीं के छात्र पर जानलेवा हमला हुआ है. परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद 8 से 10 हमलावरों ने छात्र को घेर लिया और उसे स्कूल से लगभग 50 मीटर दूर तक घसीट कर चाकू, पाइप और लकड़ी से बेरहमी से मारा. इस मामले में स्कूल के चार छात्र और उनके साथी शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि यह हमला पुरानी रंजिश के कारण हुआ है.

जम्मू-कश्मीर के किश्तवार जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकियों की छिपने की जगह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है. यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तहत किया गया जिसमें आतंकियों को पकड़ने और उन्हें मार गिराने के उद्देश्य से सुरक्षा बल सक्रिय थे. इस अभियान में आतंकियों के छिपने के स्थान का पता चलने से इलाके में सुरक्षा अभी और सख्त हो गई है.

प्रयागराज माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य पद के दावे पर नोटिस जारी किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के अक्टूबर 2022 के आदेशों का हवाला दिया गया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि नोटिस सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है और उन्होंने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

कोर्ट ने पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली बनाने पर जोर दिया ताकि बिना नसबंदी वाले कुत्तों की रिपोर्टिंग हो सके. 28 जनवरी को सरकारों की ओर से सॉलिसिटर जनरल अपनी दलीलें प्रस्तुत करेंगे. कोर्ट ने एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट के पॉडकास्ट पर नाराजगी जताई और मामले की गंभीरता को रेखांकित किया. ये सुनवाई आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता को जाति के आधार पर अपमानित करने की स्पष्ट मंशा होनी चाहिए। पटना हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एफआईआर और आरोप पत्र में जाति-आधारित अपमान के अभाव को रेखांकित किया। कोर्ट ने एससी एसटी एक्ट की धारा 3(1) के प्रावधानों को दोहराते हुए कहा कि केवल अपशब्दों का प्रयोग अपराध नहीं बनता।








