
जी20 में राष्ट्रपति बाइडेन और PM मोदी की मुलाकात, ब्राजील में जुटे दुनियाभर के नेता
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्राजील के दौरे पर हैं. सोमवार को वह रियो डी जनेरियो में जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए. यहां पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात की. प्रधानमंत्री ने बाइडेन के साथ तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा कि आपसे मिलकर हमेशा खुशी होती है. इस दौरान पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात की.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्राजील के दौरे पर हैं. सोमवार को वह रियो डी जनेरियो में जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए. यहां पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात की. प्रधानमंत्री ने बाइडेन के साथ तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा कि आपसे मिलकर हमेशा खुशी होती है. इस दौरान पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात की.
नाइजीरिया से ब्राजील पहुंचे PM मोदी
प्रधानमंत्री अपनी तीन देशों की विदेश यात्रा के दूसरे चरण में शिखर सम्मेलन के लिए ब्राजील पहुंचे हैं. पीएम मोदी 16-21 नवंबर तक नाइजीरिया, ब्राजील और गुयाना की पांच दिवसीय यात्रा पर हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नाइजीरिया की यात्रा के बाद सोमवार को ब्राजील पहुंचे. रियो डी जनेरियो पहुंचने पर भारतीय समुदाय द्वारा संस्कृत मंत्रोच्चार के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया. 2014 और 2019 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद यह पीएम मोदी की ब्राजील की तीसरी यात्रा है. पिछले साल, भारत ने नई दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी
क्या है जी20?
जी20 (G20) एक अंतरराष्ट्रीय मंच है जिसमें 19 देश और यूरोपीय संघ (EU) सदस्य शामिल हैं. इसका उद्देश्य वैश्विक अर्थव्यवस्था, वित्तीय स्थिरता, जलवायु परिवर्तन, और अन्य महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर चर्चा और सहयोग करना है. जी20 दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का समूह है और यह वैश्विक नीति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
जी20 का गठन 1999 में हुआ था और इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक वित्तीय संकटों को संभालना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना था. यह सम्मेलन हर साल आयोजित होता है और इसमें सदस्य देशों के प्रमुख (प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या उनके प्रतिनिधि) एकजुट होते हैं ताकि वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा सके. जी20 का प्रभाव और महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसके सदस्य देशों के पास विश्व की कुल GDP का लगभग 85% हिस्सा और वैश्विक व्यापार का करीब 75% हिस्सा होता है.

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