
'जश्न-ए-रिवाज' ऐड विवाद पर बोले जावेद अख्तर- विज्ञापन पर सवाल उठाना पागलपन है
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जावेद अख्तर ने ट्वीट कर लिखा, "मुझे समझ नहीं आ रहा है कि आखिर क्यों फैबइंडिया के 'जश्न-ए-रिवाज' से इतनी परेशानी है. इस उर्दू के शब्द को अगर हम अंग्रेजी में ट्रांसलेट करें तो इसका मतलब होता है पारंपरिक सेलिब्रेशन. कैसे किसी को भी इससे परेशानी हो सकती है, यह देखना काफी क्रेजी नजर आ रहा है."
सोशल मीडिया एक ऐसी जगह है, जहां हर कोई अपनी राय रखने के लिए स्वतंत्र है. हाल ही में फैबइंडिया के दिवाली ऐड पर चर्चा हुई. हर गलत कारण के चलते यह सुर्खियों में आया. इस ऐड में उर्दू के शब्द 'जश्न-ए-रिवाज' से यूजर्स को दिक्कत थी. कुछ लोगों का कहना था कि दिवाली के फेस्टिव कलेक्शन को 'जश्न-ए-रिवाज' नाम क्यों दिया गया, जबकि यह तो हिंदुओं का त्योहार है. अब जावेद अख्तर ने इसपर चुप्पी तोड़ते हुए अपनी राय रखी है. जावेद अख्तर हमेशा से ही अपना पक्ष हर मुद्दे पर रखते नजर आते रहे हैं. I failed to understand why some people have any problem with FabIndia’s Jashn- e- Riwaj . Which in English means nothing but “ a celebration of tradition” how and why anybody can have problem with that . It is crazy .

मशहूर फिल्म लेखक सलीम खान 17 फरवरी से मुंबई के लीलावती हॉस्पिटल में भर्ती हैं. उन्हें ब्रेन हैमरेज के बाद अस्पताल में लाया गया था. डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है लेकिन सावधानी के तौर पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, जिसे आज सुबह हटा दिया गया. परिवार की रिक्वेस्ट पर अब कोई नया मीडिया बयान जारी नहीं किया जाएगा. सलमान खान, उनका परिवार और इंडस्ट्री के करीबी दोस्त लगातार अस्पताल में सलीम खान से मिलने आ रहे हैं.












