
जयपाल भुल्लर: छूटता गया स्पोर्ट्स, घने होते गए गैंगस्टरों से रिश्ते, नेशनल प्लेयर कैसे बना 10 लाख का मोस्ट वांटेड?
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पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एसटीएफ ने पंजाब के दो खूंखार बदमाशों को ढेर कर दिया है. दोनों पंजाब में मोस्ट वांटेड क्रिमिनल थे और कई अपराधों में शामिल थे. दोनों गैंगस्टर का आतंक अब उनके इलाकों से खत्म हो चुका है.
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में हुए एक एनकाउंटर में इनामी गैंगस्टर जयपाल भुल्लर और जसप्रीत जस्सी को पुलिस ने ढेर कर दिया. पंजाब में दोनों पर दो थानेदारों के कत्ल का इल्जाम था. अपने साथी के साथ जयपाल भुल्लर उर्फ मनजीत मारा गया. कभी हैमर थ्रो का नेशनल प्लेयर रहा जयपाल भुल्लर कब गैंगस्टर बना, खुद पिता को भनक नहीं लगी. पिता भी सामान्य आदमी नहीं, एक पुलिस इंस्पेक्टर था. जयपाल के पिता भूपेंद्र सिंह भुल्लर पुलिस इंस्पेक्टर थे. जयपाल सबसे बड़ा बेटा था और जरायम के रास्ते पर चल निकलता था, जहां उसकी मौत होनी ही थी. बेबस पिता अपने बेटे को अपराध की दुनिया में जाने से रोक नहीं पाया.
आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

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AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









