
जब 20 हजार रुपये खर्च करके कमाया था 50 हजार का रेवेन्यू, जानिए 1862 में अंग्रेजों ने कैसे कराया था कुंभ
AajTak
वर्ष 1862 के कुंभ मेले को लेकर उस समय उत्तर-पश्चिम प्रांत के सचिव एआर रीड की रिपोर्ट के अनुसार, इस कुंभ मेले में 20,228 रुपये खर्च हुए थे, जबकि राजस्व के रूप में अंग्रेजी सरकार को 49,840 रुपये हासिल हुए थे. यानी, सरकार को 29,612 रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था.
महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन हमेशा से आश्चर्य का विषय रहे हैं. प्रयागराज में आयोजिक महाकुंभ को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बड़े पैमाने पर आयोजित कर रही है, जिसके लिए कई महीनों की तैयारी के साथ प्रशासनिक व्यवस्था तैयार की गई है. कुंभ के इतिहास को देखें तो भारत में सत्ता कोई भी रही है और सल्तनत चाहे किसी की रही हो कुंभ के आयोजनों पर कभी भी कोई असर नहीं पड़ा है. यह परंपरा इतनी प्राचीन है कि इसका ब्योरा और लेखा-जोखा एक अलग ही और भारी-भरकम काम है.
अंग्रेजों ने कुंभ को बनाया था बिजनेस मॉडल अंग्रेजों ने जब महाकुंभ जैसी व्यवस्था देखी तो वह बहुत चकित हुए और पहले कई साल तो उन्होंने अपने कई अफसर सिर्फ इसकी रिपोर्ट तैयार करने के लिए लगाए. इसी समझ के आधार पर उन्होंने इसे एक बड़े बिजनेस मॉडल के तौर पर ही देखा. पहले तो उन्होंने कई कुंभ के आयोजन को देखकर समझा, फिर इसे पर टैक्स भी लगाए. ब्रिटिश काल में अंग्रेजों ने न सिर्फ कुंभ पर टैक्स लगाए, बल्कि इसके आयोजन के लिए धनराशि भी लगाई और फिर इससे रेवेन्यू भी पैदा किया.
इस तरह कुंभ मेला राजस्व का जरिया भी बना. कुंभ मेले के आयोजन से न केवल सांस्कृतिक और आध्यात्मिक लाभ होता है, बल्कि इसका सरकारों के राजस्व पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. यह कोई नई बात नहीं है. इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि जब से कुंभ मेलों में सरकार का दखल बढ़ा, तब से राजस्व का लाभ भी अस्तित्व में आ गया.
पत्रकार व लेखक धनंजय चोपड़ा अपनी किताब (भारत में कुंभ) में इस बात का जिक्र करते हुए लिखते हैं कि, 'कुंभ मेले से राजस्व वसूली की परंपरा मुगलकालीन भारत में शुरू हुई थी. बाद में अंग्रेजों ने इसे न केवल जारी रखा, बल्कि इसका दायरा भी बढ़ा दिया. अंग्रेजी शासनकाल में कर्मकांड कराने वालों से लेकर वेणीदान की परंपरा निभाने वालों तक से कर वसूला गया.'
1862 में कुंभ में लगाए गए थे कई टैक्स इस बारे में प्रयागराज के क्षेत्रीय अभिलेखागार में रखे दस्तावेजों में अंग्रेजी शासनकाल में आयोजित कुंभ मेलों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज हैं. इनमें वर्ष 1862 के कुंभ मेले के खर्च और आय का ब्योरा भी शामिल है. उस समय उत्तर-पश्चिम प्रांत के सचिव एआर रीड की रिपोर्ट के अनुसार, इस कुंभ मेले में 20,228 रुपये खर्च हुए थे, जबकि राजस्व के रूप में अंग्रेजी सरकार को 49,840 रुपये हासिल हुए थे. यानी, सरकार को 29,612 रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था.
इसके अलावा, वर्ष 1894 और 1906 के कुंभ मेलों के दौरान हुए आय-व्यय का लेखा-जोखा भी अभिलेखों में दर्ज है. इनका ब्योरा तत्कालीन मजिस्ट्रेट एच.वी. लॉवेट ने तैयार किया था. वर्ष 1894 के मेले में विभिन्न स्रोतों से 67,306 रुपये 11 आने 3 पैसे का राजस्व प्राप्त हुआ.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?

दिल्ली सरकार के बजट को लेकर मंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए बड़े आवंटन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बताया कि इस बार बजट में सबसे अधिक राशि शिक्षा के लिए निर्धारित की गई है, जो 19,000 करोड़ से ज्यादा है. इसके तहत स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी और ICT लैब्स के विकास के लिए भी करोड़ों रुपये का प्रावधान किया गया है. हालांकि मंत्री ने यह भी कहा कि ये आंकड़े केजरीवाल गवर्नेंस मॉडल की वास्तविकता को उजागर करते हैं और इससे कई सवाल खड़े होते हैं.

रैसी जिले के महोर क्षेत्र में रामाकुंडा मोड़ के पास एक प्राइवेट कार सड़क से फिसलकर खाई में गिर गई. हादसे में हकनवाज (22), उनकी बहन शहरीजा राहि (18) और उनके चचेरे भाई रफ़ाकत हुसैन (15) की मौत हो गई. पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका महोर अस्पताल में इलाज चल रहा है. ड्राइवर ने अंधे मोड़ पर नियंत्रण खो दिया था.

Harish Rana Dies: हरीश राणा को मिल गई 'इच्छामृत्यु', एम्स में 10 दिन भर्ती रहने के बाद ली आखिरी सांस
Harish Rana News: भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति पाने वाले पहले व्यक्ति हरीश राणा का AIIMS में निधन हो गया. वे साल 2013 से कोमा में थे. सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिसके बाद अस्पताल में उनके लाइफ सपोर्ट को स्टेप वाइज हटाया गया. डॉक्टर सीमा मिश्रा की अगुवाई में विशेषज्ञ टीम ने पूरी प्रक्रिया पूरी की.

अहमदाबाद के लालदरवाजा इलाके में SDPI (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया) ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस की मंजूरी नहीं होने के कारण प्रदर्शन कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया. इस दौरान SDPI कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्का टकराव भी देखने को मिला. SDPI नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने विधानसभा में बहुमत के बल पर UCC बिल को मनमाने तरीके से पारित किया है और इसे मुस्लिम विरोधी बताया. मौके पर सुरक्षा बढ़ाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.







