
जंग की इतनी बड़ी कीमत... ईरान से भिड़ंत में रोज हो रहे इजरायल के 17.32 अरब रुपये खर्च!
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ईरान-इजरायल युद्ध में इजरायल को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है, जहां इंटरसेप्टर मिसाइलों की लागत और बुनियादी ढांचे की मरम्मत में अरबों डॉलर खर्च हो रहे हैं. अमेरिका ने भी अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है. इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमले को लेकर अगले दो हफ्तों में फैसले लेने की बात कही है.
ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में इजरायल को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. एक्सपर्ट बताते हैं कि सिर्फ ईरानी मिसाइलों को रोकने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे इंटरसेप्टर ही प्रतिदिन 200 मिलियन डॉलर यानी 17,32,41,30,000 रुपये (इंडियन करेंसी) तक की लागत आ रहे हैं. ये इंटरसेप्टर इजरायल की मिसाइल डिफेंस सिस्टम का अहम हिस्सा हैं और हर हमले के जवाब में इसकी खपत सबसे ज्यादा है.
इनके अलावा, युद्ध में इस्तेमाल हो रही गोला-बारूद, लड़ाकू विमान और लॉजिस्टिक सपोर्ट सिस्टम भी खर्च को बढ़ा रहे हैं. इजरायली शहरों पर मिसाइल हमलों से बड़ा नुकसान हुआ है. मौके से आ रही तस्वीरों में देखा जा रहा है कि इजरायली शहरों में इमारतें किस तरह तबाह कर दी गई हैं. इजरायल में इसकी मरम्मत का आकलन किया जा रहा है.
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इजरायल को कई मिलियन डॉलर का नुकसान
शुरुआती आकलन के मुताबिक, अब तक इमारतों की मरम्मत और पुनर्निर्माण में कम से कम 400 मिलियन डॉलर का खर्च आ सकता है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी खबरें हैं कि इजरायल के पास डिफेंसिव एरो इंटरसेप्टर की कमी हो रही है, जिससे यह चिंता बढ़ रही है कि अगर संघर्ष जल्द ही हल नहीं हुआ तो ईरान से आने वाली लॉन्ग रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों का मुकाबला करने की देश की क्षमता क्या होगी.
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अमेरिका को क्षमता की समस्याओं के बारे में महीनों से पता है और वाशिंगटन जमीन, समुद्र और हवा में सिस्टम के साथ इजरायल की सुरक्षा को बढ़ा रहा है. जून में संघर्ष बढ़ने के बाद से, पेंटागन ने इस क्षेत्र में और अधिक मिसाइल डिफेंसिव एक्वीपमेंट्स भेजे हैं, और अब अमेरिका को इंटरसेप्टर के खत्म करने की भी चिंता है.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

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