
चेन्नई: कोर्ट ने पुलिस से पूछा- 21 किलो गांजा कहां गया, जवाब मिला- चूहे खा गए, कोर्ट ने आरोपियों को छोड़ दिया
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तमिलनाडु से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. पुलिस ने दो आरोपियों के पास से 22 किलो गांजा बरामद किया था. इसके बाद उन्हें जेल भेजकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी. तीन साल बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट तो पेश कर दी लेकिन वह सबूत के तौर पर गांजा नहीं पेश कर पाई. पुलिस ने कहा कि जब्त किया गया गांजा चूहे खा गए हैं.
तमिलनाडु पुलिस की लापरवाही के चलते दो गांजा तस्करों को कोर्ट को रिहा करना पड़ा. दरअसल पुलिस ने 2020 में दो लोगों को गांजा तस्करी के आरोप में अरेस्ट किया था. पुलिस का दावा था कि उन्हें तस्करों के पास से 22 किलो गांजा मिला था. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच कर कोर्ट में आरोपी नागेश्वर राव और राजगोपाल के खिलाफ चार्जशीट पेश की. इस पर कोर्ट ने पुलिस से सबूत के तौर पर गांजा पेश करने के लिए कहा गया.
पुलिस ने सुनवाई के दौरान विशेष नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस कोर्ट में सिर्फ 50 ग्राम गांजा पेश किया. पुलिस ने बताया कि अन्य 50 ग्राम गांजा जांच के लिए फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया है. जब कोर्ट ने शेष 21.9 किलोग्राम गांजा मांगा तो पुलिस ने बताया कि बाकी गांजा चूहे खा गए हैं. इसके बाद कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए सूबतों के अभाव में दोनों आरोपियों को बरी कर दिया. हालांकि पहले भी इस तरह के मामले सामने का चुके हैं.
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से भी इस साल फरवरी में ऐसा ही मामला सामने आया था. यहां दिसंबर 2016 से साबू नाम के एक शख्स को छावनी पुलिस ने नार्कोटिक्स मामले में गिरफ्तार किया था. पुलिस को उसके पास से 125 ग्राम गांजा बरामद हुआ था. इसमें से 100 ग्राम गांजा पुलिस ने जांच के लिए भेज दिया था. 25 ग्राम गांजा कोर्ट के स्टोर रूम में सबूत के लिए रखा गया था लेकिन जब कोर्ट में आरोपी की पेशी हुई तो 25 ग्राम गांजे में से आधा गांजा कम हो गया था. जब कोर्ट ने पुलिस से इसकी वजह पूछी तो अभियोजन पक्ष ने कहा कि चूहों ने ये गांजा खा लिया.
चेन्नई की तरह पिछले साल एक मामला मथुरा में सामने आया था. मथुरा के थाना शेरगढ़ में पकड़ी गई 386 किलो गांजे की खेप माल खाने में रखी थी. इसके अलावा 2018 में थाना हाइवे में पुलिस ने 195 किलो गांजे की एक और खेप बरामद की थी. एडीजे सप्तम के न्यायालय मुकदमे के ट्रायल के दौरान गांजे की सील बंद मुहर लगे पैकेट न्यायालय में प्रस्तुत करने के आदेश थाना हाइवे और शेरगढ़ प्रभारियों को दिए थे. शेरगढ़ और हाइवे थाना प्रभारियों ने जब कोर्ट में रिपोर्ट पेश की तो पता चला की मालखाने में रखा गांजा चूहे खा गए. कुछ बचे हुए गांजे को नष्ट कर दिया गया है.
हालांकि मामले के तूल पकड़ने के बाद हाईवे के इंस्पेक्टर छोटेलाल ने अपनी सफाई में कहा था कि 7 अक्टूबर 2022 को हुई बारिश के बाद थाने में पानी भर गया था. उस कारण गांजा खराब हो गया, जो अभी तक हमारे पास थाने में मौजूद है. वहीं, इंस्पेक्टर शेरगढ़ सोनू कुमार ने कहा था कि हमारे पास पूरा गांजा मौजूद है. हमने कोर्ट के सामने पेश कर दिया है. मगर, बारिश में मालखाने में उसमें पानी गिर गया था.

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