
'चूहे-बिल्ली का खेल...', बांग्लादेश चुनाव में कई सीटों पर नतीजे में छेड़छाड़ का दावा
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बांग्लादेश के आम चुनाव के नतीजों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. 11-दलीय गठबंधन के नेताओं ने कई सीटों पर छेड़छाड़, बैलेट डिजाइन की खामी और वोट रद्द किए जाने के आरोप लगाए हैं. ढाका-13, 8, 16 और 17 सीटों पर शिकायतें दर्ज की गई हैं, जबकि चुनाव आयोग से जांच और स्पष्ट जवाब की मांग की गई है.
बांग्लादेश के आम चुनाव के बीच नतीजों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. जमात-ए-इस्लामी की अगुवाई में 11-दलीय गठबंधन से जुड़े नेताओं का आरोप है कि कई सीटों पर परिणामों में गड़बड़ी की कोशिशें हुई हैं. इन आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं. इस बीच जमात प्रमुख ने एक सीट के नतीजे को लेकर कहा कि "चूहे-बिल्ली" का खेल चल रहा है.
छात्रों की नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष आसिफ महमूद सजीब भुइयां ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि, "कुछ जगहों पर नतीजों से छेड़छाड़ की कोशिश हो रही है. जिन सीटों पर हमारे गठबंधन के नेता चुनाव लड़े हैं, वहां हमें इसके साफ संकेत मिल रहे हैं."
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छात्रों की पार्टी एनसीपी की तरफ से ढाका-13 सीट का उदाहरण देते हुए कहा गया कि एक समय दोनों उम्मीदवारों के बीच 20-22 हजार वोट का अंतर था, लेकिन अचानक विरोधी उम्मीदवार ने जीत का दावा कर दिया. उनके मुताबिक यह स्थिति संदेह पैदा करती है. उन्होंने ढाका-16 और 17 सीटों में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया और कहा कि इन शिकायतों की स्पष्ट जांच के बिना नतीजे घोषित नहीं किए जाने चाहिए.
उधर जमात समर्थित उम्मीदवार और बांग्लादेश खेलाफत मजलिस के अमीर मौलाना ममनूल हक ने ढाका-13 में मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि बैलेट पेपर के डिजाइन की वजह से मतदाताओं में भ्रम पैदा हुआ और हजारों वोट रद्द हो गए. उन्होंने दावा किया कि करीब 50 मतदान केंद्रों में लगभग 1,200 वोट और कुल मिलाकर लगभग 3,000 वोट अमान्य घोषित कर दिए गए. इस संबंध में उन्होंने चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई.
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