
चुनौतियां, दोस्त और दुश्मन सब एक जैसे... PM मोदी की जापान यात्रा क्यों है अहम?
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 50 फीसदी टैरिफ के बीच पीएम मोदी का जापान और चीन का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है. पीएम मोदी जापान के बाद सीधे चीन के दौरे पर जाएंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से जापान के तीन दिनों के दौरे पर रवाना हो रहे हैं. वह इस दौरान राजधानी टोक्यो में 15वें भारत-जापान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इसके बाद वह जापान से सीधे चीन जाएंगे. मौजूदा समय में भारत और जापान के समक्ष एक जैसी चुनौतियां हैं. दोनों देशों के दोस्त और दुश्मन भी कमोबेश एक जैसे ही हैं. ऐसे में पीएम मोदी के जापान दौरे को काफी अहम माना जा रहा है.
पीएम मोदी आज रात 8.30 बजे जापान के लिए रवाना हो रहे हैं. जापान के बाद पीएम मोदी 30 अगस्त को चीन जाएंगे. वह 30 अगस्त से एक सितंबर तक SCO की बैठक में हिंस्सा लेंगे. चीन के तियानजिन में SCO शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा.
पीएम मोदी की जापान की यह आठवीं और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ पहली शिखर बैठक होगी. यह दौरा ना केवल भारत-जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करेगा बल्कि अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापार तनाव, चीन की क्षेत्रीय आक्रामकता और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत की रणनीतिक स्थिति को भी मजबूती देगा.
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर के बीच दुनियाभर में उथल-पुथल मची हुई है. भारत और जापान के बीच 2006 से विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी है, जो रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संबंधों पर आधारित है. यह यात्रा 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन का हिस्सा है, जिसमें दोनों देश अपनी साझेदारी की समीक्षा करेंगे.
जापान दरअसल पीएम मोदी के दौरे के दौरान भारत में अगले दस वर्षों के लिए 10 ट्रिलियन येन के निजी निवेश की घोषणा करने की योजना बना रहा है. यह 2022 में घोषित पांच ट्रिलियन येन के पांच वर्षीय लक्ष्य से दोगुना है.

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