
'चुनाव नतीजों के बाद यह मुद्दा उठा रही कांग्रेस', महाराष्ट्र इलेक्शन को लेकर आरोपों पर EC ने फिर दिया जवाब
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चुनाव आयोग ने कहा कि कांग्रेस ने महाराष्ट्र में 28421 बीएलए नियुक्त किए थे. चुनाव परिणाम घोषित होने तक कांग्रेस के किसी भी बीएलए या कांग्रेस के उम्मीदवारों की ओर से कोई गंभीर आपत्ति नहीं उठाई गई थी. चुनाव परिणामों के बाद ही कांग्रेस इस मुद्दे को उठा रही है.
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों को लेकर विपक्षी नेता के हाल ही में मीडिया में प्रकाशित लेख के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि नवंबर 2024 में विधानसभा चुनावों के बाद भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) ने इसी तरह के मुद्दे उठाए थे तब भी निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 24 दिसंबर, 2024 को आईएनसी को विस्तृत उत्तर दिया था. उत्तर की एक प्रति आयोग की वेबसाइट पर अभी भी उपलब्ध है. हालांकि, आयोग ने उन्हीं सवालों और मुद्दों को एक बार फिर संक्षेप में स्पष्ट करना जरूरी समझा है.
लेख में निर्वाचक नामावलियों (Electoral Rolls) में मतदाताओं के नाम जोड़ने या हटाने के बारे में चौंकाने वाले दावे किए गए हैं. इस पर आयोग ने फिर स्पष्ट किया है कि भारतीय चुनाव कानून निर्वाचकों के किसी भी केंद्रीकृत रूप से नाम जोड़ने या हटाने का प्रावधान नहीं करते हैं. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960 के प्रावधानों के अनुसार, लगभग एक लाख बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की ओर से क्षेत्र सत्यापन और कांग्रेस सहित राजनीतिक दलों के साथ सूचनाओं को सक्रिय रूप से साझा करने के बाद, राज्य भर में फैले 288 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) की ओर से मतदान केंद्र-वार निर्वाचक नामावलियां तैयार की गई थीं, जिनमें आपत्तियां और अपील दर्ज करने के पर्याप्त अवसर थे. निर्वाचक नामावलियों में कोई भी नाम जोड़ना/हटाना/संशोधन करना पात्र व्यक्तियों की ओर से भरे गए व्यक्तिगत वैधानिक प्रपत्रों के माध्यम से होता है.
चुनाव आयोग ने दिया जवाब
चुनाव आयोग ने कहा कि अगस्त 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक पहले, निर्वाचक नामावलियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण किया गया था और लगभग एक लाख मतदान केंद्रों के लिए मसौदा और अंतिम निर्वाचक नामावलियों की एक प्रति (सॉफ्ट और हार्ड कॉपी में) सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए सौंप दी गई थी, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) भी शामिल थी.
आयोग के मुताबिक महाराष्ट्र के बारे में लेख में दिए गए आंकड़े भ्रामक हैं. वास्तविक रूपरेखा नीचे दी गई है:
-विधानसभा चुनाव 2019 से लेकर लोकसभा चुनाव 2024 तक 1.39 करोड़ नए निर्वाचकों की वृद्धि और 1.07 करोड़ नए निर्वाचकों के नाम हटाए जाने के कारण निर्वाचकों की संख्या में 32.25 लाख की विशुद्ध (net) वृद्धि हुई.

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