
चीन विमान हादसे को लेकर खुलासा, जानबूझकर नीचे लाई गई थी उड़ान! क्रैश में 132 लोगों की गई जान
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इसी साल मार्च में चाइना ईस्टर्न फ्लाइट MU5735 ग्वांगझोउ पहुंचने के एक घंटे से भी कम समय पहले क्रैश हो गया था. इस विमान हादसे का वीडियो भी सामने आया था. बोइंग 737-800 जेट, उड़ान ट्रैकिंग सेवा फ्लाइटराडार द्वारा दर्ज किए गए आंकड़ों के मुताबिक, विमान क्रैश से पहले दो मिनट से भी कम समय में 29,000 फीट से नीचे आ गया था.
चीन में मार्च में एक बड़ा विमान हादसा हुआ था. यहां ईस्टर्न एयरलाइंस का विमान क्रैश हो गया था. इस हादसे में 132 लोग मारे गए थे. अब इस विमान हादसे को लेकर चौंकाने वाला हादसा हुआ है. रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि हो सकता है कि अंतिमक्षण में विमान को जानबूझकर तेजी से नीचे लाया गया हो. यह दावा विमान के ब्लैक बॉक्स से डेटा का विश्लेषण करने वाले अमेरिकी अधिकारियों द्वारा की गई जांच के शुरुआती नतीजों के हवाले से किया गया है.
यह विमान कनमिंग से ग्वांगझोउ की ओर ये विमान जा रहा था. तभी यह विमान वुझोउ में क्रैश हो गया था. वॉल स्ट्रीट जनरल ने अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि ब्लैक बॉक्स में दर्ज जानकारी से पता चलता है कि कॉकपिट में मौजूद शख्स को इनपुट दिए गए थे, उसी के चलते ये विमान हादसा हुआ. इस मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विमान ने वही किया, जो कॉकपिट में किसी ने उसे करने के लिए कहा था.
चाइना ईस्टर्न फ्लाइट MU5735 ग्वांगझोउ पहुंचने के एक घंटे से भी कम समय पहले क्रैश हो गया था. इस विमान हादसे का वीडियो भी सामने आया था. बोइंग 737-800 जेट, उड़ान ट्रैकिंग सेवा फ्लाइटराडार द्वारा दर्ज किए गए आंकड़ों के मुताबिक, विमान क्रैश से पहले दो मिनट से भी कम समय में 29,000 फीट से नीचे आ गया था.
वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी जो जानकारी सामने आई है, वो प्रारंभिक थे और अभी इस मामले में जो अधिक जानकारी सामने आ सकती है, उससे यह साफ हो पाएगा कि हादसे के वक्त क्या हुआ था?
इससे पहले 20 अप्रैल को चीन एविएशन रेगुलेटर ने प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी, इसमें कहा गया था कि विमान में किसी तरह की कोई खराबी नहीं थी. विमान क्रैश होने तक सामान्य स्थिति में था. हालांकि, इस रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया था कि विमान क्रैश कैसे हुआ.
वॉल स्ट्रीट जनरल ने अपने सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि इस बात की भी संभावना है कि विमान में कोई और व्यक्ति कॉकपिट में घुस गया हो और जानबूझकर क्रैश कराने की वजह बना हो. विमान हाईजैक के कई मामलों में क्रैश की घटना सामने आती रही है. खासकर 9/11 के आतंकी हमलों के दौरान. 1999 के बाद पायलटों द्वारा जानबूझकर विमान क्रैश कराने की घटना दो बार सामने आई है.

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