
चीन की जमीन की भूख और होगी तेज, अब अरुणाचल को निशाना बनाने की साजिश?
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LAC पर चीन के साथ गतिरोध को डेढ़ साल से अधिक बीत गया, इस बीच भारत ने कूटनीतिक, रणनीतिक और सामरिक रूप से चीन को लगातार करारा जवाब दिया है. चीन उत्तर, पूर्वोत्तर और पीओके में लगातार सक्रिय है और उसकी गतिविधियां कुछ बड़े संकेत दे रही हैं. इस वीडियो में हम आपको बात करेंगे चीन की विस्तारवादी नीति के बारे में. ग्लोबल ट्रेंड्स 2040 के मुताबिक , चीन 2025 तक ताइवान पर कब्जा कर लेगा. 2030 तक वियतनाम और फिलीपिंस जैसे देशों को हराकर चीन पूरे साउथ चाइना सी पर कब्जा जमा लेगा. इसके बाद 2040 में चीन अरुणाचल प्रदेश पर हमला कर सकता है. इतना ही नहीं 2045 तक चीन सेनकाकुस द्वीप से जापान को हटाकर अपना लाल झंडा लहराएगा. देखें कैसे तेज होती जा रही है चीन की जमीन के लिए भूख.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले से स्थापित वर्ल्ड ऑर्डर में हलचल ला दी. ट्रंप के शासन के गुजरे एक वर्ष वैश्किल उथल-पुथल के रहे. 'अमेरिका फर्स्ट' के उन्माद पर सवाल राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ का हंटर चलाकर कनाडा, मैक्सिको, चीन, भारत की अर्थव्यवस्था को परीक्षा में डाल दिया. जब तक इकोनॉमी संभल रही थी तब तक ट्रंप ने ईरान और वेनेजुएला में अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर दुनिया को स्तब्ध कर दिया.

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस शिखर सम्मेलन में मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसके संकेत दिए. उन्होंने दावोस शिखर सम्मेलन में कहा कि कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं, ऐसा समझौता जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा और वैश्विक GDP के करीब एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करेगा.

मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अमेरिकी फौजी जमावड़े ने स्थिति को काफी संवेदनशील बना दिया है. एयरक्राफ्ट कैरियर, फाइटर जेट्स और मिसाइल डिफेंस सिस्टम अलर्ट मोड पर हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि चीन ने ईरान को अब तक की सबसे बड़ी सैन्य मदद भेजी है, जिसमें 56 घंटे के भीतर चीन के 16 जहाज ईरान पहुंचे. हालांकि इस सूचना की पुष्टि नहीं हुई है.









