
घर में चल रही सगाई में पहुंची पुलिस, रस्में पूरी किए बिना ही लौटे लड़के वाले
AajTak
बिलासपुर में एक परिवार ने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया है. पीड़ित परिवार का कहना है कि उनके घर में बेटी की सगाई की रस्में चल रही थी. तभी पुलिस उनके घर पहुंची और अवैध शराब बेचने का आरोप लगाते हुए घर की तलाशी लेने लगी. जब परिजनों का इसका विरोध किया तो घर की महिलाओं के साथ मारपीट और बदसलूकी की गई.
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस पर महिलाओं के साथ बदसलूकी और मारपीट करने का आरोप लगा हैं. बताया जा रहा है कि स्थानीय पुलिस अवैध शराब बेचने का आरोप लगाते हुए उस घर में घुसी. जहां लड़की की सगाई की रस्में चल रहीं थी. एसआई और आरक्षी ने जमकर हंगामा मचाया और महिलाओं के साथ मारपीट की. जिसकी वजह से लड़के वालों को रस्म पूरी किए बिना ही लौटना पड़ा. यह घटना बिल्लीबंद गांव की है, यहां रहने वाले सुरेश लहरे की बेटी की रविवार को सगाई थी. तखतपुर क्षेत्र से वर पक्ष के लोग गांव पहुंचे थे. रात करीब साढ़े आठ बजे सगाई की रस्म अदायगी हो रही थी. तभी कोटा थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर सिदार दो आरक्षकों के साथ सुरेश लहरे के घर पहुंचे. इन्होंने घर में अवैध शराब रखने और बेचने का आरोप लगाया और तलाशी शुरू की. पुलिसकर्मियों की अजीब हरकतों को देखकर परिवार ने विरोध किया, तो सब इंस्पेक्टर और आरक्षकों ने महिलाओं के साथ बदसलूकी शुरू कर दी.
इधर, सगाई कार्यक्रम के बीच पुलिस के इस रवैए से नाराज ग्रामीणों की भीड़ बढ़ने लगी. जिसे देखकर पुलिसकर्मियों ने थाने के अतिरिक्त बल बुला लिया और परिवारवालों को धमकाने लगे. इसके बाद परिवारवालों ने थाना प्रभारी दिनेश चंद्रा के साथ ही पुलिस अफसरों से शिकायत की.
वहीं इस मामले पर एसएसपी पारुल माथुर ने बताया कि पुलिस उस घर में अवैध शराब बेचे जाने की शिकायत मिली थी. जिस पर कार्रवाई की गई थी. जब भी ऐसे मामलों पर पुलिस एक्शन लेने पहुंचती है तो महिलाओं द्वारा किसी ना किसी बहाने से विवाद शुरू कर देती है. पुलिस को देखकर महिलाओं ने देसी शराब और लहान के डब्बों को बहाना शुरू कर दिया इस पर पुलिस वालों ने उन्हें ऐसा करने से रोका तो विवाद बढ़ गया.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









