
गुरुग्राम: नहर में नहाने गया डिलीवरी बॉय डूबा, अगली सुबह मिली लाश
AajTak
गुरुग्राम के धनकोट नहर में नहाने गए 24 साल के डिलीवरी बॉय की डूबने से मौत हो गई. युवक अपने भतीजे के साथ नहर पर गया था, जहां नशा करने के बाद वह गहरे पानी में उतर गया और डूब गया. पुलिस, एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीम ने रातभर तलाशी ली, लेकिन शव अगली सुबह एक राहगीर को मिला. शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया.
दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में धनकोट नहर में नहाने के दौरान 24 साल के डिलीवरी बॉय की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई. पुलिस ने गुरुवार को इस घटना की पुष्टि की. मृतक की पहचान अशोक विहार फेज-3 के निवासी खड़ग सिंह के रूप में हुई है, जो एक डिलीवरी एजेंसी में काम करता था.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि बुधवार शाम खड़ग सिंह अपने भतीजे के साथ धनकोट नहर के किनारे गया था. दोनों ने पहले नहर किनारे बैठकर शराब पी और फिर खड़क सिंह नहाने के लिए पानी में उतर गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया. उसके भतीजे ने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी.
घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), सिविल डिफेंस और धनकोट पुलिस चौकी के प्रभारी विनोद कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन रातभर की तलाशी के बावजूद शव बरामद नहीं हो सका.
गुरुवार सुबह एक राहगीर को नहर के किनारे एक शव दिखा, जिसकी सूचना उसने पुलिस को दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त खड़ग सिंह के रूप में की और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.
धनकोट पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में दुर्घटना का मामला बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस यह भी देख रही है कि कहीं किसी प्रकार की लापरवाही या साजिश तो नहीं थी. इस घटना के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है और आस-पड़ोस में शोक का माहौल है. परिजन युवक की आकस्मिक मृत्यु से गहरे सदमे में हैं.

दिल्ली में कांग्रेस द्वारा मनरेगा बचाओ आंदोलन तेज़ी से जारी है. 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के सामने बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एकत्रित हुए हैं. यह विरोध प्रदर्शन मनरेगा कानून में किए जा रहे बदलावों के खिलाफ किया जा रहा है. मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को रोजगार देने वाली इस योजना में बदलावों को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है.

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते ने क्षेत्रीय आर्थिक समीकरणों में बड़ा बदलाव ला दिया है. इस ऐतिहासिक डील से पाकिस्तान को निर्यात के क्षेत्र में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस डील से पैदा हुए संभावित नकारात्मक प्रभाव से निपटने के लिए यूरोपीय अधिकारियों से संपर्क किया है. यह समझौता दोनों पक्षों के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा.

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मियां मुसलमानों को लेकर फिर से विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर राज्य के मियां मुसलमानों को परेशान करना हो तो वह रात दो बजे तक जाकर भी परेशान कर सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने मियां मुसलमानों को पांच रुपए देने की बजाय चार रुपए देने की बात कह कर विवादों को जन्म दिया है. इसपर पर अब विपक्ष हमलावर है.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.





