
गुजरात: अहमदाबाद में पुलिस ने बनाई 1481 अपराधियों की लिस्ट, अवैध संपत्तियों पर होगा बुलडोजर एक्शन
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गुजरात के डीजीपी ने राज्यभर में 100 घंटे के भीतर अपराधियों की सूची बनाने और उन पर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया था. इसके बाद अहमदाबाद में लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन और पेट्रोलिंग की जा रही है. पुलिस अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर भी बुलडोजर चला रही है.
अहमदाबाद पुलिस ने बीते कुछ दिनों में अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए 1481 बदमाशों, शराब तस्करों और जुआरियों की लिस्ट तैयार की है. पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक के अनुसार 353 अपराधियों को क्राइम ब्रांच में बुलाकर उन्हें सख्त चेतावनी दी गई है कि वे अपराध छोड़ दें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई होगी.
गुजरात के डीजीपी ने राज्यभर में 100 घंटे के भीतर अपराधियों की सूची बनाने और उन पर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया था. इसके बाद अहमदाबाद में लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन और पेट्रोलिंग की जा रही है. पुलिस अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर भी बुलडोजर चला रही है.
किन अपराधियों पर हो रही कार्रवाई? अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने कहा कि पुलिस द्वारा तैयार की गई लिस्ट में 303 शराब तस्कर, 21 जुआरी, 687 शरीर से जुड़े अपराधों में लिप्त अपराधी, 424 संपत्ति संबंधी अपराधी और 46 एनडीपीएस (नारकोटिक्स) से जुड़े अपराधी शामिल हैं. इनमें से कई अपराधियों को पासा (गुजरात पुलिस का प्रिवेंटिव डिटेंशन एक्ट) और तड़ीपार (जिला बदर) किया गया है.
क्राइम ब्रांच में हर रविवार अपराधियों की परेड पुलिस कमिश्नर मलिक ने बताया कि जब वे डीसीपी क्राइम थे, तब हर रविवार को अपराधियों को क्राइम ब्रांच में बुलाया जाता था, जिनमें व्हीकल चोरी, लूट समेत मामलों के अपराधी शामिल रहते थे. इसका उद्देश्य अपराधियों में कानून का डर बनाना और क्राइम ब्रांच के कांस्टेबल से लेकर पुलिस अधिकारी अपराधियों को पहचाने सकें. इस प्रक्रिया को अब दोबारा शुरू किया गया है. हाल ही में 353 अपराधियों को बुलाकर अंतिम चेतावनी दी गई है.
अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर एक्शन अहमदाबाद पुलिस अब नगर निगम के साथ मिलकर अपराधियों की अवैध संपत्तियों को ध्वस्त कर रही है. पुलिस कमिश्नर ने बताया कि अपराधियों की सूची तैयार कर निगम को दी जा रही है, और बुलडोजर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.
पेट्रोलिंग बढ़ाई, पारंपरिक पुलिसिंग पर जोर पुलिस कमिश्नर मलिक ने कहा कि पहले सिर्फ रथयात्रा के दौरान डीसीपी शहर में पेट्रोलिंग करते थे, लेकिन अब हर हफ्ते दो बार एडिशनल सीपी और डीसीपी स्तर के अधिकारी गश्त पर निकलते हैं. इससे अपराधियों में कानून का डर बना रहता है. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सोशल मीडिया और सीसीटीवी की वजह से पुलिसिंग का तरीका बदला है, लेकिन पारंपरिक पुलिसिंग को फिर से मजबूत किया जाएगा.

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