
गाजा युद्ध में इजरायली सैनिकों से हुई बड़ी गलती, खतरा समझ अपने ही 3 नागरिकों को मारी गोली
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आईडीएफ प्रवक्ता ने कहा कि गोलीबारी में तीनों की मौत के बाद सैनिकों ने उनका किया तो मृतकों की पहचान के बारे में तत्काल संदेह पैदा हुआ. उनके शवों को तुरंत जांच के लिए इजरायल में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उनकी पहचान इजरायली नागरिकों के रूप में हुई, जिन्हें हमास ने बंधक बना लिया था.
गाजा में जारी युद्ध के बीच इजरायली रक्षा बलों से बड़ी गलती हो गई. टाइम्स ऑफ इजरायल ने आईडीएफ के प्रवक्ता डेनियल हागारी के हवाले से बताया कि इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने 7 अक्टूबर के हमले के बाद हमास द्वारा बंधक बनाए गए अपने ही तीन नागरिकों को खतरा समझकर उन पर गोलीबारी कर दी. इस घटना में तीनों नागरिकों की मौत हो गई. डेनियल हगारी ने कहा कि आईडीएफ इस दुखद घटना की जिम्मेदारी लेता है.
उन्होंने कहा, 'यह घटना उसी क्षेत्र में हुई जहां इजरायली सैनिकों ने आत्मघाती हमलावरों सहित कई आतंकवादियों का सामना किया'. तीन इजरायली बंधकों में से दो की पहचान योतम हैम और समर तलाल्का के रूप में हुई है. हैम को केफार अजा से बंधक बनाया गया था और समर तलाल्का का निरआम से अपहरण हुआ था. हागारी ने तीसरे बंधक के परिवार के अनुरोध के कारण उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया.
गोलीबारी के बाद सैनिकों को तीनों की पहचान संदेहास्पद लगी
यह पूछे जाने पर कि तीनों बंधक हमास की कैद से कैसे छूटे थे, हगारी ने कहा कि सेना का मानना है कि 'तीनों बचकर भागने में सफल रहे या आतंकवादियों ने उन्हें छोड़ दिया'. आईडीएफ प्रवक्ता ने कहा कि गोलीबारी में तीनों की मौत के बाद सैनिकों ने उनका किया तो मृतकों की पहचान के बारे में तत्काल संदेह पैदा हुआ. उनके शवों को तुरंत जांच के लिए इजरायल में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उनकी पहचान इजरायली नागरिकों के रूप में हुई, जिन्हें हमास ने बंधक बना लिया था.
डेनियल हगारी ने कहा, 'यह हम सभी के लिए एक दुखद और दर्दनाक घटना है और जो कुछ भी हुआ उसके लिए आईडीएफ जिम्मेदार है'. उन्होंने कहा कि आईडीएफ हमारे सैनिकों से हुई इस गंभीर गलती के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहा है. हगारी ने आगे कहा कि आईडीएफ ने तुरंत घटना की जांच शुरू कर दी. यह एक दुखद घटना है, जो एक युद्ध क्षेत्र में हुई जहां सैनिकों ने हाल के दिनों में और आज भी कई आतंकवादियों का सामना किया और कड़ी लड़ाई लड़ी.
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