
गर्मी से सावधान! यूपी-बिहार से राजस्थान तक भीषण हीटवेव का अनुमान, जानें मार्च से मई तक कैसा रहेगा मौसम
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भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मार्च से लेकर मई 2024 के लिए मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है. जिसके मुताबिक, इस साल देश के अधिकतर इलाकों में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है. इसके अलावा मार्च से मई तक लू के दिनों में बढ़ोतरी होने का भी अनुमान है.
IMD ने इस साल मार्च से लेकर मई 2024 तक गर्मी के मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें ये बताया गया है कि देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहने की आशंका है. मौसम विभाग के मुताबिक, मार्च से मई तक लू के दिनों में बढ़ोतरी होने का भी अनुमान है. आईएमडी ने जानकारी दी कि उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, मध्य और प्रायद्वीपीय के कुछ अलग-अलग क्षेत्रों को छोड़कर, भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से ज्यादा अधिकतम तापमान रहने की संभावना है. इसके अलावा भारत के अधिकांश क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है. .मौसम विभाग ने जारी किया भीषण गर्मी का अलर्ट मौसम विभाग ने देश के अधिकांश हिस्सों विशेषकर राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना में हीटवेव वाले दिनों की संख्या में बढ़ोतरी की संभावना जताई है. वहीं, मार्च से मई की अवधि के दौरान आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्से में भयंकर गर्मी पड़ने का भी पूर्वानुमान है.
मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल पूरे भारत में सामान्य से अधिक वर्षा की आशंका भी जताई गई है. वहीं, अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य से अधिक सामान्य वर्षा की उम्मीद है, जबकि दक्षिण प्रायद्वीप के चरम दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों और पूर्वोत्तर और चरम उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा के आसार हैं. परिणामस्वरूप इन क्षेत्रों में स्थितियां ज्यादा खराब होने की उम्मीद है.
इसके अलावा पूर्वोत्तर प्रायद्वीपीय भारत, महाराष्ट्र के कई इलाकों और ओडिशा के कुछ हिस्सों व आस-पास के क्षेत्रों में लू के दिनों में बढ़ोत्तरी की संभावना है. मौसम विभाग ने विशेष रूप से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तरी मध्य प्रदेश में मार्च के शुरुआती दिनों के लिए गंभीर बारिश, तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी भी जारी की है.
बता दें कि मौसम विभाग की इन भविष्यवाणियों का उद्देश्य अप्रत्याशित मौसम स्थितियों का सामना करने के लिए तैयारियों को बढ़ाना और आपदा जोखिम को कम करने में सहायता करना है.

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