
'खालिस्तान की लड़ाई के लिए देते हैं पैसों का ऑफर', कनाडा में प्रवासी भारतीयों ने खालिस्तानियों की खोली पोल
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कनाडा और भारत के बीच जारी तनाव के बीच कई देशों में अब खालिस्तान समर्थक भारतीयों पर हमला कर रहे हैं. इस बीच कनाडा में आजतक की रिपोर्ट अनीषा माथुर ने वहां पढ़ रहे भारतीय बच्चों से बात की तो उन्होंने खालिस्तानियों की पोल खोलते हुए कहा कि वो खालिस्तान की लड़ाई के लिए पैसों का ऑफर देते हैं.
कनाडा और भारत के बीच जारी तनाव के बीच कई देशों में अब खालिस्तान समर्थक भारतीयों पर हमला कर रहे हैं. हाल ही में स्कॉटलैंड में भारतीय उच्चायुक्त के साथ बदसलूकी की गई. इसके अलावा खालिस्तान का विरोध करने पर सिख परिवारों को धमकियां मिल रही हैं. आजतक की रिपोर्टर अनीषा माथुर ने सर्रे में रहने वाले छात्रों से बात की तो उन्होंने कहा कि हमें आतंकी क्यों बताया जा रहा है? हम यहां सिर्फ काम करते हैं और कमाते हैं. यह दोनों छात्र पंजाब के होशियारपुर और मोगा के रहने वाले थे.
उन्होंने कहा कि हमने अपने देश में खालिस्तान के मुद्दे के बारे में कभी नहीं सुना, लेकिन यहां ये एक बड़ा मुद्दा है. यहां आने का इंतजार कर रहे अन्य छात्रों के लिए वीजा की चिंता है. वहीं ऑफ कैमरा उन्होंने कहा कि खालिस्तान के लिए लड़ने खालिस्तानी रुपये ऑफर कर रहे हैं. जो लोग उन्हें सपोर्ट नहीं करते और खालिस्तान नहीं चाहते, लेकिन उनके खिलाफ बोलने से डरते हैं.
1984 में CPI कार्यकर्ता की हत्या
पंजाब के मोगा में राव के कलां के रहने वाले सीपीआई कार्यकर्ता रणधीर सिंह धालीवाल की खालिस्तानियों का विरोध करने पर 1984 में हत्या कर दी गई थी. उनके परिवार के साथ भी आजतक की अनीषा माथुर ने बात की. उनकी पत्नी मोहिंदर कौर (89) ने कहा कि उन दिनों बहुत कठिनाई देखी. उन्होंने कहा कि बच्चे छोटे थे और पति की हत्या इसलिए कर दी गई क्योंकि उसने उनके विरोध में रैली का नेतृत्व किया था.
धालीवाल के परिवार ने क्या कहा?
धालीवाल के बेटे प्रीतपाल सिंह का कहना है कि हम अभी भी इस नफरत के खिलाफ बोलने के लिए उदारवादी लोगों और संगठनों को संगठित करने की कोशिश कर रहे हैं. इसके अलावा पड़ोसी हरदेव सिंह का कहना है कि गलत जानकारी और शिक्षा की कमी के कारण ऐसा होता है. युवा अशिक्षित लोगों को गुमराह किया जा रहा है और उन्हें बंदूकें थमा दी गई हैं.

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