क्यों मुश्किल है गाजा से हमास को मिटाना, जमीनी हमले के बाद Israel के पास क्या रास्ते बच जाते हैं?
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आतंकी संगठन हमास ने बहुत से यहूदी नागरिकों को बंधक बनाया हुआ है. इस बीच इजरायल लगातार हमास के कब्जे वाले इलाके गाजा पर हमले कर रहा है. माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में ही आर-पार का फैसला हो जाएगा. मगर, सवाल ये है कि गाजा पर हमास के खात्मे के बाद क्या इजरायल वापस लौटेगा, या अपना सैन्य बेस बनाकर वहीं बसने वाला है?
हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि जब तक हमास बंधकों को छोड़ नहीं देता, शांति नहीं आएगी. बाइडेन ये बात इजरायल के मित्र और रक्षक के नाते कर रहे हैं. अमेरिका ने इजरायल के बनने में बड़ा रोल निभाया था. वैसे कोई साथ दे, या न दे, इजरायल के इरादे साफ हैं. वो हमास को मटियामेट करने की पूरी कोशिश करेगा. ये एक लंबी प्रोसेस है, जिसके बाद इजरायल के सामने कई रास्ते खुल जाएंगे.
दी जा रही अमेरिका की मिसाल
अमेरिका ने 9/11 में खत्म हुए अपने लोगों का बदला लेने और ISIS को खत्म करने के लिए जमीन-आसमान एक कर दिया. उसने अफगानिस्तान पर हमला किया और लगभग 2 दशक तक उसके सैनिक वहां रहे. इस दौरान सैकड़ों अमेरिकियों की जान गई और अमेरिका के कितने पैसे खर्च हुए, इसका कोई हिसाब-किताब नहीं है. यहां तक कि लोग कहने लगे थे कि दूसरे के घर की आग बुझाने के लिए अमेरिकी सरकार अपना घर जलाने पर तुली है.
देश में फैल गया था असंतोष
गुस्सा इतना बढ़ा कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वादा करना पड़ा कि वे अफगानिस्तान से आर्मी को वापस बुला लेंगे. बाद में ये वादा पूरा भी किया गया. ये सारी कथा-कहानी इसलिए कि इजरायल ने भी हमास को खत्म करने का बीड़ा उठाया है. हमास की तुलना ISIS से हो रही है. यानी इजरायल के लिए उसे जड़ से मिटाना आसान नहीं है.

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