
क्या है अरामबाई तेंगगोल, जानिए- ये कैसे बना मणिपुर में समानांतर सरकार जैसा एक संगठन?
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यह संगठन मणिपुर की लगभग हर चीज में मौजूद है, चाहे वो राजनीति हो, शिक्षा, धर्म, सामाजिक संगठन और यहां तक कि सुरक्षा तक, हर जगह इनका दखल है. इसकी शुरुआत 2020 में हुई थी, लेकिन मई 2023 में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद यह चर्चा में आया. मणिपुर में इस संगठन को उतने ही लोग प्यार करते हैं, जितना नफरत करने वाले हैं.
कई महीनों तक चली शांति के बाद मणिपुर एक बार फिर हिंसा की आग में झुलस रहा है. मैतेई-बहुल जिलों में भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, वजह है अरामबाई तेंगगोल (AT) नाम के हथियारबंद संगठन के ‘सेल्फ-स्टाइल्ड आर्मी चीफ’ की गिरफ्तारी.
AT वो जातीय संगठन है जो मणिपुर में दो साल पहले भड़की जातीय हिंसा के बाद एक नई ताकत बनकर उभरा. अब केंद्र सरकार AT पर शिकंजा कसने में लगी है, क्योंकि वो कुकी-जो और मैतेई समुदाय के बीच चल रहे टकराव को खत्म करके सुलह और शांति की कोशिश कर रही है. AT का प्रमुख कोरोउंगनबा खुमान करीब 38 साल का है और उस पर कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें यूएपीए (UAPA) जैसे सख्त कानून के तहत केस भी शामिल है.
अरामबाई तेंगगोल का उभार मणिपुर में बेहद तेज और चौंकाने वाला रहा है. अब यह संगठन मणिपुर की लगभग हर चीज में मौजूद है. चाहे वो राजनीति हो शिक्षा हो धर्म, सामाजिक संगठन और यहां तक सुरक्षा में भी इसका दखल है. इसकी शुरुआत 2020 में हुई थी, लेकिन मई 2023 में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद यह चर्चा में आया. मणिपुर में AT को उतने ही लोग प्यार करते हैं, जितने नफरत. जहां उस पर जबरन वसूली, हत्या और हथियार लूटने जैसे आरोप लगे हैं, वहीं उसे हाल ही में आई बाढ़ के दौरान राहत कार्यों के लिए काफी सराहना भी मिली है.
पहली बड़ी गिरफ्तारी
हालांकि मणिपुर पुलिस पहले भी AT के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन अशेम कानन सिंह की गिरफ्तारी पहली बार किसी वरिष्ठ सदस्य की गिरफ्तारी है. AT इस गिरफ्तारी से नाराज है और उसने शनिवार शाम से घाटी में 10 दिन का 'पूरी तरह बंद' घोषित कर दिया. बिष्णुपुर में कर्फ्यू लगा दिया गया है और इम्फाल ईस्ट, इम्फाल वेस्ट, थोउबाल और ककचिंग जिलों में पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है. कई इलाकों में इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है.
पुलिस ने एक बयान में कहा कि अशेम कानन सिंह को उनकी आपराधिक गतिविधियों की वजह से गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कई गंभीर मामले और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े केस शामिल हैं. हालांकि पुलिस ने आरोपों का पूरा ब्योरा नहीं दिया लेकिन उनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज हैं, इनमें से एक आम नागरिक से फॉर्च्यूनर एसयूवी छीनने का, और दूसरा फरवरी 2024 में इम्फाल वेस्ट के एडिशनल एसपी अमित के अपहरण से जुड़ा है.

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