
क्या हरिहर मंदिर को तोड़कर बनाई गई थी संभल की जामा मस्जिद? जानिए क्या कहते हैं ऐतिहासिक साक्ष्य
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संभल की शाही जामा मस्जिद को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह मस्जिद वास्तव में एक प्राचीन हिंदू मंदिर को ध्वस्त करके बनाई गई थी. 'आजतक' ने इस दावे की ऐतिहासिक और पुरातात्विक पड़ताल की, जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की 1875 की रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे.
उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर रविवार को हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. इसमें चार लोगों की मौत हो गई और करीब 20 लोग घायल हो गए. इनमें कई सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं. नाराज भीड़ ने पुलिस पर पथराव और आगजनी की, जिसके बाद हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस और लाठीचार्ज करना पड़ा.
फिलहाल, मामले में दो महिलाओं समेत 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है. प्रशासन ने 12वीं तक के स्कूल बंद करने और इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए हैं. पुलिस के अनुसार, यह घटना उकसावे का परिणाम है और हिंसा के आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की जाएगी.
संभल हिंसा में एक कांस्टेबल के सिर में गंभीर चोट और डिप्टी कलेक्टर के पैर में फ्रैक्चर हुआ है, जबकि सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिलों को भी आग के हवाले कर दिया गया. हिंसा की जांच शुरू हो चुकी है और उपद्रवियों की पहचान की जा रही है.
सर्वे के दौरान हिंसा
संभल जिले की शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर बताने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मस्जिद के सर्वे का आदेश दिया था. पहले 19 नवंबर को रात में सर्वे हुआ और 24 नवंबर (रविवार) को दूसरी बार सर्वे टीम मस्जिद पहुंची. मस्जिद कमेटी की सहमति से दोनों पक्षों की मौजूदगी में सर्वे होना था, लेकिन मस्जिद के सर्वे के खिलाफ बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. कोर्ट के आदेश पर जब सर्वे शुरू हुआ तो भीड़ ने भड़ककर पुलिस पर हमला कर दिया, पथराव किया और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया.
स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा और कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया. इसके बावजूद, सर्वे टीम ने अपना काम पूरा कर लिया है और रिपोर्ट 29 नवंबर को अदालत में पेश की जाएगी, जिस पर सभी पक्षों को अपनी राय देने का मौका मिलेगा.

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