
क्या डोनाल्ड ट्रंप के जीतने पर अमेरिका के दरवाजे मुस्लिमों के लिए बंद हो जाएंगे, क्या-क्या बदल सकता है?
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दूसरी बार अमेरिका का राष्ट्रपति बनने की इच्छा रखते हुए डोनाल्ड ट्रंप अभी से तैयारियों में जुट गए हैं. साल 2024 में वहां चुनाव होने जा रहा है. इस बीच हुए पोल्स बताते हैं कि ट्रंप वाकई जीत सकते हैं. जो बाइडेन को हटाते हुए अगर ट्रंप सत्ता में आए तो अमेरिका में कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं, खासकर दक्षिणपंथ से जुड़े हुए.
अमेरिका में होने जा रहे चुनाव में राष्ट्रपति पद के दावेदार डोनाल्ड ट्रंप लगातार ऐसे एलान कर रहे हैं जो अभी सत्ता में बैठी डेमोक्रेटिक पार्टी से अलग है. हाल में उन्होंने कहा कि अगर वे जीते तो देश में अवैध घुसपैठ पर रोक लगा देंगे. ये वो वादा है, जो अमेरिकियों को लुभा सकता है. यही वजह है कि पोल्स भी अभी से ट्रंप के पक्ष में माहौल दिखाने लगे.
क्या निकलकर आया सर्वे में
इसी महीने सिएना कॉलेज पोल्स और न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक सर्वे किया. इसके नतीजे चौंकाने वाले हैं, जिसके मुताबिक देश के 6 में से 4 स्विंग स्टेट्स में ट्रंप आगे रह सकते हैं. यहां बता दें कि स्विंग स्टेट वो राज्य हैं, जहां रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को समान सपोर्ट मिलता रहा है. सर्वे में ट्रंप भारी पड़ते दिख रहे हैं. 13 और जनमत सर्वेक्षणों में भी मिलते-जुलते नतीजे दिखे. इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि शायद अगला साल ट्रंप का हो.
क्या वादे कर रहे हैं ट्रंप - अवैध अप्रवासियों के खिलाफ जीरो टॉलेरेंस की नीति अपनाई जाएगी. - ट्रंप वॉल पर आगे काम होगा ताकि लोग घुसपैठ न कर सकें. - टैररिज्म को कम करने के लिए सारे जरूरी कदम तुरंत लिए जाएंगे. - एक खास तरह का ट्रैवल बैन लागू होगा, जो मुस्लिम-बहुत देशों के लिए होगा.
क्यों हो रहा विरोध रिपब्लिकन पार्टी के दावेदार ट्रंप के खिलाफ डेमोक्रेटिक पार्टी ही नहीं, बल्कि मानवाधिकार पर काम करने वाली संस्थाएं भी उतर आई हैं. वे हवाला दे रही है कि ट्रंप के ट्रैवल बैन की वजह से मुस्लिम स्टूडेंट्स और परिवारों का भारी नुकसान हुआ. घुसपैठियों को लेकर भी कहा जा रहा है कि पहले के कार्यकाल में ट्रंप की पॉलिसी के चलते परिवार अलग हो गए. अवैध तौर पर आने वालों को ट्रंप ने जेल में डाल दिया था, जब तक कि उनपर आरोप साबित न हो जाए. इसके बाद हुआ ये कि अमेरिका पहुंचने वालों की संख्या कम भी हुई थी.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

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