
'कोहिनूर' जड़ा ताज नहीं पहनेंगी क्वीन कैमिला... तो क्या भारत आ सकता है ये हीरा? जानें कहां फंस जाता है पेंच
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6 मई को ब्रिटेन में किंग चार्ल्स III की ताजपोशी होनी है. इसमें उनकी पत्नी क्वीन ऑफ कंसॉर्ट कैमिला कोहिनूर हीरे से जड़ा ताज नहीं पहनेंगी. इसके बाद कोहिनूर हीरा फिर चर्चा में आ गया है. ऐसे में जानना जरूरी है कि इस हीरे का इतिहास क्या है? भारत से ये हीरा लंदन तक कैसे पहुंचा? और क्या इसे अब भारत वापस लाया जा सकता है?
दुनिया का सबसे मशहूर और बेशकीमती 'कोहिनूर' हीरा एक बार फिर चर्चा में है. ब्रिटेन में इस साल मई में किंग चार्ल्स III की ताजपोशी होनी है. इस दौरान उनकी पत्नी क्वीन कंसॉर्ट कैमिला कोहिनूर हीरे से जड़ा ताज नहीं पहनेंगी.
बकिंघम पैलेस ने एक बयान जारी कर बताया है कि 6 मई को किंग चार्ल्स III की ताजपोशी में क्वीन कंसॉर्ट कैमिला कोहिनूर हीरे से जड़ा ताज नहीं पहनेंगी. कैमिला क्वीन मैरी का ताज पहनेंगी. ये ताज 100 साल से भी ज्यादा पुराना है और उन्होंने 1911 की ताजपोशी में इसे पहना था. हालांकि, इस ताज में थोड़े बदलाव किए जाएंगे और इसमें कोहिनूर की 'रेप्लिका' लगाई जाएगी.
क्वीन मैरी का ये ताज 'टॉवर ऑफ लंदन' में रखा हुआ है. इसे यहां से हटाया जाएगा और इसमें जड़े रत्नों में कुछ बदलाव किए जाएंगे, जिसके बाद क्वीन कैमिला इसे पहनेंगी.
पिछले साल सितंबर में महारानी एलिजाबेथ II के निधन के बाद उनके बड़े बेटे चार्ल्स III राजा बन गए थे. उन्होंने 2005 में कैमिला से शादी की थी. क्वीन एलिजाबेथ II ने कैमिला को 'क्वीन ऑफ कंसॉर्ट' घोषित किया था. क्वीन एलिजाबेथ II भी बगैर कोहिनूर जड़ा ताज ही पहनती थीं. हालांकि, कुछ खास मौकों पर इस हीरे को ताज में जड़ा जाता था. ये हीरा 2002 से ही टॉवर ऑफ लंदन के ज्वेल हाउस में रखा है.
ये हीरा जितना मशहूर है, उतना ही विवादित भी. ये हीरा भारत से ही अंग्रेजों के पास गया. लेकिन इस हीरे पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान भी दावा करते हैं. ऐसे में जानना जरूरी है कि कोहिनूर हीरे का इतिहास क्या है? अंग्रेजों के पास ये हीरा कैसे गया? और क्या ये हीरा कभी भारत वापस आ सकता है?
क्या है कोहिनूर का इतिहास?

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