
कोरांव विधानसभा सीटः आदिवासी बाहुल्य सीट पर कमल खिलाए रखने की चुनौती
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कोरांव विधानसभा सीट पर आदिवासी वोटर की बहुलता है. यह सीट साल 2007 में अस्तित्व में आई थी. पिछले चुनाव में बीजेपी ने साफ-सुथरी छवि के राजमणि कोल को उम्मीदवार बनाया था और इस सीट पर पहली बार कमल खिला था.
प्रयागराज जिले में एक विधानसभा सीट है मेजा. साल 2007 में मेजा सीट से अलग होकर एक सीट अस्तित्व में आई जिसका नाम है कोरांव. इस आदिवासी बाहुल्य इलाके में साल 2017 में पहली बार कमल खिला है. साल 2022 के चुनाव में ये सीट इसलिए भी महत्वपूर्ण होगी क्योंकि पहली बार जीती भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की कोशिश इस सीट पर कब्जा बरकरार रखने की है तो वहीं अन्य दल भी इस सीट पर काबिज होने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं.
उत्तराखंड की चार धाम यात्रा के मंदिर परिसरों में इस साल से मोबाइल फोन और कैमरों पर पूरी तरह से बैन रहेगा. दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद CAQM ने GRAP-4 लागू कर दिया है. ट्रकों की दिल्ली में एंट्री बंद कर दी गई है और स्कूलों को हाइब्रिड मोड में चलाने का निर्देश दिया गया है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे. प्रधानमंत्री की अगुवाई में US कॉन्सुलेट तक मार्च निकाला गया.

माघ मेले का तीसरा और सबसे बड़ा स्नान पर्व मौनी अमावस्या आज मनाया जा रहा है. इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज के संगम स्थल पर एकत्र हुए हैं. ब्रह्म मुहूर्त में सुबह चार बजे से स्नान आरंभ हो गया है जो दिन भर चलता रहेगा. स्थानीय प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि इस वर्ष तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालु मौनी अमावस्या के स्नान के लिए संगम क्षेत्र में पहुंचेगे.

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बागेश्वर के उत्तरायणी मेले में हिमालयी कुत्तों की खास बाजार लोगों का ध्यान खींच रही है. पहाड़ी इलाकों से आए व्यापारी हिमालयन शीपडॉग बेच रहे हैं, जिनकी कीमत 5,000 से 25,000 रुपये तक है. ये कुत्ते अपनी वफादारी और साहस के लिए जाने जाते हैं और जंगली जानवरों से भी मुकाबला करते हैं. पहले ग्रामीण इलाकों तक सीमित यह नस्ल अब शहरों में भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है.








