
कैसा है तालिबान का बर्ताव... काबुल से लौटीं महिला पत्रकार कनिका गुप्ता ने सुनाई पूरी दास्तां
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भारत के लिए रवाना होने से पहले से हालात के बारे में कनिका ने बताया कि जब मैं सोमवार को भारतीय दूतावास जाने के लिए निकलीं तो रास्ते में एक भी चेक प्वाइंट नहीं मिले. पहला चेक प्वाइंट जो मिला वो दूतावास के बाहर मिला. वहां पर उन्होंने मुझसे कुछ सवाल किए और फिर मना कर दिया अंदर जाने से.
तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जा जमा लेने के बाद काबुल में फंसीं भारतीय पत्रकार कनिका गुप्ता समेत 120 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाया गया है. स्वदेश लौटने के बाद महिला पत्रकार कनिका ने 'आजतक' के साथ खास बातचीत में वहां के हालात के बारे में बताया और तालिबान की ओर से कब्जा किए जाने के बाद डेढ़ दिन का अपना अनुभव भी साझा किया.More Related News

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