
केदारनाथ: बिना रजिस्ट्रेशन पहुंच रहे लोगों को भेजा जा रहा वापस, यात्रियों की संख्या तय
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Kedarnath Yatra 2022: उत्तराखंड में केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) की यात्रा पर बिना रजिस्ट्रेशन कराए पहुंचने वालों को वापस भेजा जा रहा है. सरकार ने केदारनाथ में एक दिन में 13 हजार यात्रियों के जाने की सीमा तय की है. पुलिस रास्ते में जगह जगह रजिस्ट्रेशन की जांच कर रही है.
Kedarnath Yatra 2022: उत्तराखंड में केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) की यात्रा पर तीर्थ यात्रियों का हूजूम उमड़ पड़ा है. प्रदेश सरकार ने अब एक दिन में केदारनाथ जाने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या 13 हजार कर दी है. जो यात्री केदारनाथ जा रहे हैं, उन्हें आवश्यक रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा. बिना रजिस्ट्रेशन के पहुंच रहे यात्रियों को वापस भेजा जा रहा है. यात्रियों के रजिस्ट्रेशन की बद्रीनाथ एवं केदारनाथ हाइवे पर जगह-जगह जांच की जा रही है.
केदारनाथ यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि जारी है. एक दिन में बीस हजार से अधिक तीर्थयात्री केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. यात्रा के शुरूआती चरण में तीर्थयात्री बिना रजिस्ट्रेशन कराए ही बाबा के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे थे, लेकिन यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने अब रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है. ऐसे में कई यात्री ऐसे भी हैं, जो बिना रजिस्ट्रेशन के पहुंच रहे हैं और ऐसे यात्रियों को पुलिस द्वारा रास्ते में ही रोका जा रहा है और वापस भेजा जा रहा है.
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रजिस्ट्रेशन वाले यात्रियों को ही केदारनाथ भेजने की अनुमति दी जा रही है. वापस भेजे जाने पर यात्री परेशान हो रहे हैं. उनका कहना है कि वह कई किलोमीटर का सफर करके आ रहे हैं, लेकिन रजिस्ट्रेशन न होने के कारण वापस भेजा जा रहा है. यात्री प्रदेश सरकार पर भी तमाम तरह के आरोप लगा रहे हैं.
लोगों के रजिस्ट्रेशन चेक करने का जिम्मा पुलिस संभाले हुए है. रुद्रप्रयाग के पुलिस अधीक्षक आयूष अग्रवाल ने कहा कि रुद्रप्रयाग में जवाड़ी बाईपास और केदारनाथ हाइवे पर कुंड में यात्रियों के रजिस्ट्रेशन की जांच की जा रही है. केदारनाथ जाने वाले सभी वाहनों की जांच की जा रही है. जिस भी वाहन या यात्री का रजिस्ट्रेशन नहीं है, उसे वापस भेजा जा रहा है. अभी तक डेढ़ हजार के करीब यात्रियों को वापस भेजा जा चुका है.

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