
केजरीवाल का 55 सीटें जीतने का दावा, बात में कोई दम है या मामला यूं ही हवा हवाई है?
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अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी की कम सीटें आने की बात बहुत पहले से ही कर रहे हैं. दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपनी आखिरी रैली आते आते सीटों का वो नंबर भी बता दिया है, जिसमें कुछ ग्रेस मार्क्स भी जुड़ सकते हैं - बशर्ते, दिल्लीवालों को महिला सम्मान निधि की पक्की उम्मीद हो.
अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में चुनाव प्रचार खत्म होते होते सीटों के नंबर पर सस्पेंस खत्म कर दिया है. आम आदमी पार्टी के हिस्से में इस बार कम सीटें आने की आशंका तो वो पहले से ही जता रहे थे, अब तो अपनी समझ से वो जादुई नंबर भी बता दिया है. लगे हाथ ये भी कहा है कि अगर महिला वोटर की कृपा हुई तो नंबर बढ़ भी सकता है.
आम आदमी पार्टी के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर की आशंका तो अरविंद केजरीवाल को पहले ही हो गई थी, और उस हिसाब से जरूरी उपाय भी कर चुके हैं. अब वो ईवीएम में भी गड़बड़ी की आशंका जता रहे हैं. और, ईवीएम के जरिये उनकी नजर में संभावित गड़बड़ी के नुकसान की भरपाई का नुस्खा भी वोटिंग से पहले ही बता दिया है - आम आदमी पार्टी की कम सीटें आने की सूरत में विधायकों के तोड़फोड़ की तोहमत तो बीजेपी पर जड़ चुके हैं ही.
दिल्ली चुनाव से केजरीवाल की उम्मीदें
अरविंद केजरीवाल ने अब पूरी तरह साफ कर दिया है कि उनके हिसाब से आम आदमी पार्टी को कम सीटें मिलने का मतलब 55 होता है - और ऐन उसी वक्त दावा भी किया है कि अगर दिल्ली की महिलाएं चाहें तो ये नंबर 60 भी हो सकता है. 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल को 62 सीटें मिली थीं.
अरविंद केजरीवाल का दावा है कि आम आदमी पार्टी को दिल्ली विधानसभा चुनाव में 55 सीटें मिल रही हैं… अगर माताएं-बहने जोर का धक्का लगाएं तो, आम आदमी पार्टी को 60 सीटें भी मिल सकती हैं.
पहले की एक चुनावी रैली में अरविंद केजरीवाल का कहना था, आज कल कई लोग कह रहे हैं आम आदमी पार्टी की सरकार तो बनेगी, लेकिन कुछ सीटें कम हो सकती हैं… कुछ लोग कह रहे हैं 45-50 सीटें आएंगी… मेरा मानना है कि एक-एक मां-बहनें लग गईं, तो 65 से ज्यादा सीटें आएंगी.

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