
केजरीवाल कस्टडी में तो कैसे होगा दिल्ली मेयर चुनाव? आचार संहिता के बीच लेनी होगी स्पेशल परमिशन
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31 मार्च को मौजूदा मेयर डॉक्टर शैली ओबेरॉय का कार्यकाल खत्म हो गया है. मौजूदा मेयर डॉक्टर शैली ओबेरॉय नए मेयर की चुनाव के लिए घोषणा करेंगी. फिर फाइल LG ऑफिस जाएगी. वहां से स्पेशल परमिशन मिलने पर मेयर का चुनाव होगा. मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होगा. इलेक्शन के नोटिफिकेशन के साथ ही गहमगहमी शुरू होगी. नए मेयर चुनाव का नोटिफिकेशन मौजूदा मेयर के द्वारा ही जारी किया जाएगा.
दिल्ली नगर निगम के मेयर का कार्यकाल 31 मार्च को खत्म हो जाता है और नए मेयर के चुनाव के लिए प्रक्रिया शुरू हो जाती, लेकिन आम चुनाव 2024 के चलते आचार सहिंता लगे होने की वजह से मौजूदा मेयर शैली ओबेरॉय को नए मेयर के चुनाव के लिए स्पेशल परमिशन लेनी पड़ेगी. निगम के सूत्रों का कहना है कि आम आदमी पार्टी कांग्रेस के बीच गठबंधन की पहली रैली रामलीला मैदान में खत्म होने के बाद अब मेयर चुनाव के लिए मीटिंगों का दौर चल रहा है. पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि 15 से 20 अप्रैल के बीच में नए मेयर का चुनाव हो सकता है.
LG से लेनी होगी परमिशन
31 मार्च को मौजूदा मेयर डॉक्टर शैली ओबेरॉय का कार्यकाल खत्म हो गया है. मौजूदा मेयर डॉक्टर शैली ओबेरॉय नए मेयर की चुनाव के लिए घोषणा करेंगी. फिर फाइल LG ऑफिस जाएगी. वहां से स्पेशल परमिशन मिलने पर मेयर का चुनाव होगा. मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होगा. इलेक्शन के नोटिफिकेशन के साथ ही गहमगहमी शुरू होगी. नए मेयर चुनाव का नोटिफिकेशन मौजूदा मेयर के द्वारा ही जारी किया जाएगा.
बता दें कि मेयर चुनाव के लिए 2019 में भी स्पेशल परमिशन लेनी पड़ी थी. लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी थी. इसके बाद उपराज्यपाल से स्पेशल परमिशन मिलने के बाद दिल्ली में मेयर चुनाव हुआ था. डीएमसी एक्ट के मुताबिक नए मेयर का चुनाव 31 मार्च तक हो जाना चाहिए.
निगम सदन में AAP और कांग्रेस गठबंधन की अग्निपरीक्षा
वैसे तो लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन हुआ है. लेकिन आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल की कस्टडी और पार्टी में अप्रत्याशित स्थिति के चलते दिल्ली नगर निगम का मेयर चुनाव गठबंधन की भी परीक्षा होगी. दिल्ली नगर निगम सदन में कुल मिलाकर 250 सदस्य हैं. इनमें से आम आदमी पार्टी के 134 पार्षद हैं तो एक निर्दलीय पार्षद का समर्थन मिलने के बाद बीजेपी की संख्या 105 है. कांग्रेस के 9 पार्षद हैं, जबकि दो निर्दलीय पार्षद हैं.

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