किडनी के सफल ऑपरेशन के बाद लालू यादव को आया होश, समर्थकों के लिए जारी किया Video
AajTak
सोमवार दोपहर को सिंगापुर के अस्पताल में लालू की दूसरी बेटी रोहिणी आचार्य ने अपना एक किडनी अपने पिता को दान किया. लालू और रोहिणी के सफल ऑपरेशन के बाद लालू को आईसीयू में रखा गया था और जानकारी के मुताबिक थोड़ी देर पहले लालू को होश आ गया है.
आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद का सोमवार को सिंगापुर के एक अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट का सफल ऑपरेशन हुआ. जिसके बाद उनकी स्थिति अब स्थिर है. परिवार वालों ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें लालू अपने चाहने वाले और समर्थकों को होश आने के बाद हाथ हिलाकर यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि ऑपरेशन के बाद वह कुशल हैं और उनकी हालत अब स्थिर है. लालू को उनकी बेटी रोहिणी ने आचार्य ने किडनी डोनेट की है. अब दोनों स्वास्थ हैं.
दरअसल, सोमवार दोपहर को सिंगापुर के अस्पताल में लालू की दूसरी बेटी रोहिणी आचार्य ने अपना एक किडनी अपने पिता को दान किया. लालू और रोहिणी के सफल ऑपरेशन के बाद लालू को आईसीयू में रखा गया था और जानकारी के मुताबिक थोड़ी देर पहले लालू को होश आ गया है.
लालू की बड़ी बेटी मीसा भारती ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें साझा की हैं और बताया कि उनके पिता को थोड़ी देर पहले होश आया था और वो उनसे कुछ देर के लिए मिलने के लिए उनके कमरे में भी गई थीं. तेजस्वी यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बड़ी बेटी मीसा भारती सिंगापुर में मौजूद हैं. इतना ही नहीं लालू के करीबी सहयोगी भोला यादव और तेजस्वी के राजनीतिक सलाहकार संजय यादव भी सिंगापुर में ही हैं.
मिसा भारती ने फेसबुक पर शेयर की जानकारी
मिसा भारती ने फेसबुक पर लिखा, “ICU में पापा से कुछ देर के लिए मिलने की अनुमति मिली. परिवार में सभी पापा और रोहिणी की कुशलता के लिए चिंतित थे, इसीलिए ऑपरेशन के बाद पापा से मिलना बहुत ही भावुक करनेवाला पल था. पापा ने रोहिणी के कुशलता के बारे में पूछा. फिर धीरे-धीरे बोलते हुए पुरानी बातें याद करने लगे. पापा सभी की कोई ना कोई पुरानी बात बताते हुए धीरे धीरे मुस्कुरा रहे थे. पीड़ा को भूलकर सकारात्मक बातों पर ध्यान लगाने का यही गुण उन्हें हम सब से अलग करता है, यही उन्हें सदैव हंसमुख और जिंदादिल रखता है.”
पापा का किडनी ट्रांसप्लांट ऑपरेशन सफलतापूर्वक होने के बाद उन्हें ऑपरेशन थियेटर से आईसीयू में शिफ्ट किया गया। डोनर बड़ी बहन रोहिणी आचार्य और राष्ट्रीय अध्यक्ष जी दोनों स्वस्थ है। आपकी प्रार्थनाओं और दुआओं के लिए साधुवाद। 🙏🙏 pic.twitter.com/JR4f3XRCn2

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








