
कश्मीर: टारगेट किलिंग के बीच 43 हिंदू सरकारी कर्मचारियों का होगा तबादला
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जम्मू-कश्मीर में जारी टारगेट किलिंग के बीच प्रशासन ने हिंदू कर्मचारियों को श्रीनगर जिले में ट्रांसफर करने का फैसला किया है. इससे पहले भी दूर-दराज के इलाकों में रह रहे कश्मीरी पंडितों को जिला मुख्यालय लाया गया था.
जम्मू-कश्मीर में टारगेट किलिंग का दौर जारी है. कई कश्मीरी पंडितों को भी आतंकियों ने अपनी गोली का निशाना बनाया है. इस बदलते माहौल के बीच पलायन शुरू हो चुका है. एक बार फिर कई कश्मीरी पंडित घाटी छोड़ जम्मू जा रहे हैं. अब इस बीच जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 43 हिंदू सरकारी कर्मचारियों का तबादला श्रीनगर जिले में कर दिया है.
ये सभी वो हिंदू कर्मचारी हैं जिन्हें प्रधानमंत्री पैकेज के तहत रोजगार दिया गया था. अब उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके ट्रांसफर का ऐलान किया गया है. इससे पहले भी प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा था कि जितने भी कश्मीरी पंडित जो दूर-दराज के इलाकों में काम कर रहे हैं, उन्हें कश्मीर के जिला मुख्यालय लाया जाएगा. वो फैसला भी तब टारगेट किलिंग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए ही लिया गया था.
घाटी में टारगेट किलिंग का दौर सरकारी कर्मचारी राहुल भट्ट की हत्या से शुरू हुआ था. उसके बाद स्कूल टीचर से लेकर सरपंच तक, मजदूर से लेकर ठेले वालों तक को आतंकियों ने अपना निशाना बनाया. स्थिति इतनी तनावपूर्ण रही कि सड़क पर लंबे समय बाद कश्मीरी पंडितों ने अपनी सुरक्षा के लिए प्रदर्शन किया. उन्होंने एक तरफ घाटी छोड़ जम्मू जाने की अपील की तो दूसरी तरफ सरकार से सुरक्षा की गारंटी भी मानी. अभी के लिए सरकार ने उन्हें श्रीनगर जिले में ट्रांसफर करने की पहल जरूर शुरू की है, लेकिन मांग जम्मू जाने की हो रही है.
वैसे इस टारगेट किलिंग के बीच सुरक्षाबलों ने भी आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देने का काम किया है. आंकड़े भी इस बात की तस्दीक करते हैं. अभी तक सुरक्षाबलों ने 100 से ज्यादा आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया है. आंकड़े बताते हैं कि इस साल जून महीने तक सुरक्षाबलों ने तमाम एनकाउंटर्स में 105 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया है. अकेले जून में 6 दिन के भीतर 6 आतंकियों का सफाया किया गया है. इस दौरान दो बड़े आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है जिनसे उनके नेटवर्क को लेकर सवाल-जवाब जारी हैं.

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