
कर्नाटक में ABVP नेता का लड़कियों संग अश्लील वीडियो वायरल, करता था ब्लैकमेल
AajTak
कर्नाटक के शिवमोगा में ABVP छात्र संगठन के एक नेता का कई लड़कियों संग अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. आरोप है कि उस छात्र नेता ने खुद ही ये वीडियो दूसरे लोगों के साथ शेयर किया था. अब पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है. एनएसयूआई ने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
कर्नाटक के शिवमोगा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी की ABVP के छात्र नेता का सेक्स वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसके बाद आरोपी नेता को गिरफ्तार कर लिया गया. कुछ छात्रों के मैसेंजर पर भी छात्र नेता का अश्लील वीडियो भेजा गया था.
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने शिवमोगा के तीर्थहल्ली में एबीवीपी छात्र नेता को गिरफ्तार किया है. शिवमोगा पुलिस ने लोगों को उन वीडियो को फॉरवर्ड न करने की चेतावनी दी है.
तीर्थहल्ली के एबीवीपी नेता और बीजेपी कार्यकर्ता प्रतीक गौड़ा ने कई लड़कियों को अश्लील वीडियो कॉल किए और उन सभी का वीडियो कॉल रिकॉर्ड कर लिया. वीडियो उसके मोबाइल से शेयर किया गया जिसके बाद पूरे जिले में यह वायरल हो गया.
एनएसयूआई ने लगाए गंभीर आरोप
तीर्थहल्ली एनएसयूआई यूनिट ने प्रतीक गौड़ा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और उसके खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया. उन्होंने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि वह रिकॉर्ड किए गए वीडियो से लड़कियों को ब्लैकमेल करता था.
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर केस दर्ज कर लिया है. इस घटना को लेकर शिवमोगा पुलिस ने कहा कि कुछ लड़कियों के साथ अश्लील हरकत करते हुए एक लड़के का एक वीडियो वायरल हो गया है. हमने उस लड़के को गिरफ्तार कर लिया है और अब प्राथमिकी दर्ज कर उसे जेल भेज रहे हैं.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. हादसे के जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. प्रशासन ने अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं.

महाराष्ट्र के ठाणे में तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने से सनसनी फैल गई. कल्याण के बारावे गांव से दो सगी बहनें और उनकी 13 साल की भांजी घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटीं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एक अहम सूचना के आधार पर पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया है, जहां लड़कियों की तलाश की जा रही है.

छत्तीसगढ़ के रायपुर में मिड-डे मील योजना से जुड़े हजारों रसोइया और सहायिकाएं अपनी मांगों को लेकर तूता मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. रसोइया संघ के अध्यक्ष के अनुसार, उन्हें मात्र 66 रुपये प्रतिदिन मानदेय मिलता है, जो उनके परिवार का खर्च चलाने के लिए अपर्याप्त है. ठंड के बावजूद वे 22 दिनों से धरना दे रहे हैं पर शासन के कोई प्रतिनिधि उनसे अब तक नहीं मिले हैं.

आठवीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य ने चार शंकराचार्य पीठों की स्थापना की. उद्देश्य था हिंदू धर्म और दर्शन को बचाना और आगे बढ़ाना. ऐसा हुआ भी. लेकिन पिछली एक सदी में कई और शंकराचार्य पीठ गढ़ ली गईं. इन पर बैठने वालों में कलह आम हुई. चुनावी लाभ, उत्तराधिकार का झगड़ा, राजनीतिक हस्तक्षेप, और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं ने इस पद को धार्मिक से ज्यादा राजनीतिक बना दिया है.





