
करूर भगदड़ मामले में एक्टर विजय भी होंगे गिरफ्तार? तमिलनाडु के मंत्री ने दिया ये जवाब
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यह भगदड़ करूर-एरोड हाईवे के वेलुसामीपुरम में हुई, जब विजय के काफिले की ओर समर्थक बढ़ने लगे. आरोप है कि अनुमति 10,000 लोगों के लिए दी गई थी, लेकिन लगभग 25,000-27,000 लोग जमा हो गए. राज्य पुलिस ने TVK नेतृत्व पर मार्गदर्शन की अनदेखी और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया. प्रमुख पार्टी नेताओं, जिनमें एन आनंद शामिल हैं, के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की गई है.
तमिलनाडु के करूर भगदड़ मामले के बाद से अभिनेता और TVK प्रमुख विजय लगातार लोगों के निशाने पर हैं. खासकर कई नेता उन्हें इस भगदड़ के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. इस सबके बीच जब तमिलनाडु के मंत्री दुराई मुरुगन से ये पूछा गया कि क्या करूर भगदड़ में 41 लोगों की मौत के मामले में विजय को गिरफ्तार किया जाएगा तो उन्होंनेकहा कि बिना मतलब सरकार उनकी गिरफ्तार नहीं करेगी.
मंत्री मुरुगन ने शनिवार को कहा कि अगर सबूत होंगे, तो सरकार अपना कर्तव्य निभाएगी. आमतौर पर हर पार्टी जानती है कि उनके अपने आयोजनों में कितने लोग आएंगे. पार्टी को अपने अनुमानित दर्शकों के अनुसार स्थल चुनना चाहिए. राज्य सरकार विजय को अनावश्यक रूप से गिरफ्तार नहीं करेगी.
रैली गाइडलाइन समीक्षा के लिए समिति
राजनीतिक रैलियों के संचालन में बदलाव की मांगों का जवाब देते हुए मुरुगन ने कहा, "हम एक समिति बना रहे हैं जो तय करेगी कि क्या बदलाव किए जाने चाहिए. इस कदम का उद्देश्य भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकना है, जिसमें सुरक्षा प्रोटोकॉल, भीड़ सीमा और अन्य लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं की समीक्षा शामिल होगी."
मंत्री ने सरकार का किया बचाव
मुरुगन ने स्टैम्पेड के लिए राज्य प्रशासन की आलोचना का जवाब देते हुए कहा, "हम कैसे जिम्मेदार हो सकते हैं? हमने पुलिस सुरक्षा प्रदान की, अनुमति दी, शर्तें तय की और सलाह दी. जो लोग हमें दोषी ठहरा रहे हैं, वे केवल राजनीतिक लाभ के लिए ऐसा कर रहे हैं."

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