
कमाई, नौकरी पर संकट... दुनिया में बड़ा बुलबुला तो नहीं बना रहा AI? एक्सपर्ट्स ने खोले राज
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एआई में निवेश से कमाई को लेकर इंडिया टुडे एआई समिट 2026 में बोलते हुए एक्सपर्ट्स ने कहा कि एआई में निवेश को लॉन्ग टर्म के हिसाब से देखना चाहिए. आगे चलकर इसमें कमाई के चांस बढ़ सकते हैं.
पूरी दुनिया एआई के पीछे भाग रही है. अरबों डॉलर का निवेश हो रहा है, जिस कारण AI में निवेश करने की होड़ दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है. अरबों डॉलर डेटा सेंटर्स लगाए जा रहे हैं, लेकिन एक अहम सवाल धीरे-धीरे जोर पकड़ रहा है कि निवेशकों को AI में निवेश से लाभ मिलेगा.
इंडिया टुडे एआई समिट 2026 में इस सवाल पर एक्सपर्ट्स ने चर्चा की. ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर्स ने इस बात पर चर्चा की कि क्या एआई को लेकर आज का उत्साह एक बुलबुला है या उत्पादकता में लंबे समय तक चलने वाले उछाल की शुरुआत है.
इंडिया टुडे एआई समिट में बोलते हुए टूरिंग के फाउंडर और सीईओ ने जॉनाथन सिद्धार्थ ने कहा कि एआई के आने से नौकरियों का फॉर्म शिफ्ट हो सकता है. अगर स्किल में बदलाव नहीं होता है तो बड़े लेवल पर नौकरियां जा सकती हैं. युवाओं को स्किल बेस्ड फोकस रहना चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में अभी बहुत पोटेशियल है. एआई क्राइसिस कम, मौका ज्यादा है. उन्होंने कहा कि हम ह्यूमन नॉलेज से अब ग्रेट वर्क प्रोडक्टविटी में शिफ्ट हो रहे हैं. पिछला साल AI टेस्टिंग में था, लेकिन इस साल एआई रियल वर्क में काम करेगा.
निवेश के साथ रिटर्न पर भी फोकस करने की जरूरत
Indiaspora के फाउंडर रंगास्वामी ने कहा कि वर्तमान निवेश के पैमाने के लिए गंभीर वित्तीय परिणामों की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर्स में लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर का निवेश होने की उम्मीद है. निवेशकों को यह पैसा वापस पाने के लिए संबंधित कंपनियों को इसी स्तर का रेवेन्यू जनरेट करना होगा. आज, हाइपरस्केलर और एआई स्टार्टअप्स का संयुक्त राजस्व अभी भी उस स्तर से काफी कम है.













