
'कभी पार्टी के खिलाफ नहीं गया, ऑपरेशन सिंदूर वाले अपने रुख पर कायम', बोले शशि थरूर
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शशि थरूर ने कांग्रेस पार्टी के साथ चल रहे मतभेदों की खबरों पर अपना स्टैंड क्लियर किया है. उन्होंने बताया कि संसद में कभी भी उन्होंने पार्टी की तय लाइन से अलग रुख नहीं अपनाया. उन्होंने साफ़ किया कि ऑपरेशन सिंदूर बस एक मुद्दा था, जिसपर सैद्धांतिक तौर पर असहमति जताई थी.
बीते कुछ समय से ऐसी चर्चाएं चल रही हैं कि सांसद शशि थरूर का कांग्रेस नेतृत्व के साथ कुछ मतभेद चल रहा है. केरल लिटरेचर फेस्टिवल में अब उन्होंने इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए सभी बातों को दुनिया के सामने रखा है. अपना पक्ष साफ़ करते हुए उन्होंने बताया कि कभी भी संसद में उन्होंने पार्टी की आधिकारिक लाइन का उल्लंघन नहीं किया है.
शशि थरूर ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मैं यहां संविधान पर चर्चा करने आया था, राजनीति पर नहीं. लेकिन मैं यह बहुत साफ़ शब्दों में कहना चाहता हूं कि अगर आप मेरे सार्वजनिक बयानों और रिकॉर्ड को देखें, तो मैंने कभी भी संसद में अपनी पार्टी के किसी भी आधिकारिक रुख का उल्लंघन नहीं किया है.
सिर्फ एक विषय ऐसा रहा है, जिस पर सिद्धांत के आधार पर पब्लिक स्पेस में मतभेद सामने आया और वह था ऑपरेशन सिंदूर. इस पर मेरा जो स्टैंड था वो बेहद साफ़ था. मैं सभी को बता देना चाहता हूं कि मैं बिनी किसी खेद के आज भी अपने बयान पर क़ायम हूं.
पहलगाम की दुखद घटना के बाद, मैंने एक पर्यवेक्षक और टिप्पणीकार के रूप में अपनी बात रखी. जैसा कि हम जानते हैं, संसद में अलग-अलग क्षेत्र से आए लोग होते हैं - वकील, डॉक्टर, कारोबारी और लेखक. मैं खुद एक लेखक हूं. अपने उस हैसियत से मैंने एक अखबार में “Hit Hard, Hit Smart” शीर्षक से एक कॉलम लिखा था.
उस लेख में मैंने साफ़ तौर से कहा था कि इस हमले को सज़ा से मुक्त नहीं छोड़ा जा सकता. इसका जवाब ज़रूरी और निर्णायक होना चाहिए, यानी प्रत्यक्ष कार्रवाई. हमें स्पष्ट रूप से आतंकवादियों पर जवाबी कार्रवाई करनी होगी.
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