
कबाड़ खरीदने-बेचने का काम, गर्लफ्रेंड के नाम 80 करोड़ का बंगला... फिल्मी है थाईलैंड में पकड़े गए इस गैंगस्टर की कहानी
AajTak
कभी कबाड़ खरीदने-बेचने का काम करने वाला पश्चिमी उत्तर प्रदेश का भगोड़ा गैंगस्टर रवि काना थाईलैंड में पकड़ा गया है. उसके साथ उसकी गर्लफ्रेंड भी थी. पुलिस अब दोनों को नोएडा लाने की तैयारी कर रही है. गैंगस्टर ने गर्लफ्रेंड काजल झा के नाम पर दिल्ली में 80 करोड़ का बंगला बनवाया था, जिसे पुलिस ने बीते जनवरी में सीज कर दिया था.
नोएडा पुलिस द्वारा कई मामलों में वांछित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भगोड़े गैंगस्टर रवि नागर उर्फ रवि काना (Ravi Kana) को थाईलैंड (Thailand) में गिरफ्तार कर लिया गया है. रवि काना (scrap mafia ravi kana) पर नोएडा पुलिस (Noida Police) ने बीते जनवरी में बड़ी कार्रवाई की थी. रवि के कारोबार में उसका साथ देने वाली काजल झा (Kajal jha) की दिल्ली स्थित संपत्ति सीज कर दी गई थी.
बता दें कि दिल्ली में स्थित न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी की कोठी की कीमत 80 करोड़ के करीब थी. काजल झा माफिया रवि काना की स्क्रैप कंपनी की डायरेक्टर भी रही है. रवि के साथ उसकी गर्लफ्रेंड काजल झा (Girlfriend Kajal jha) को भी थाईलैंड के अधिकारियों ने पकड़ लिया है. कभी कबाड़ खरीदने और बेचने का काम करने वाले गैंगस्टर रवि काना की कहानी फिल्मी है.
यह भी पढ़ें: माफिया काजल झा की दिल्ली में 80 करोड़ की कोठी जब्त, गैंगस्टर रवि काना का संभालती है काला कारोबार
एजेंसी के अनुसार, रवि नागर उर्फ रवि काना स्क्रैप व्यापारी रहा है. उसके खिलाफ इस साल 2 जनवरी को ग्रेटर नोएडा के बीटा 2 पुलिस स्टेशन में गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था. अधिकारियों के अनुसार, 42 वर्षीय गैंगस्टर रवि काना के खिलाफ 28 दिसंबर 2023 को नोएडा सेक्टर 39 पुलिस स्टेशन में गैंगरेप का केस भी दर्ज हुआ था.
जनवरी में जारी किया गया था लुकआउट सर्कुलर और रेड कॉर्नर नोटिस
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गौतम बुद्ध नगर पुलिस इंटरपोल और विदेश में स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है. उसके देश से भागने के संदेह में इस साल जनवरी में उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर और रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था. कहा कि रवि काना और काजल झा को थाईलैंड में पकड़ लिया गया है. अधिकारी ने कहा कि आरोपियों को उनके खिलाफ यहां चल रहे मामलों की सुनवाई के लिए कानूनी कार्रवाई के बाद ग्रेटर नोएडा वापस लाया जाएगा.

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.






