
कंझावला मामले के सातवें आरोपी ने खुद किया सरेंडर, जानिए कहां तक पहुंची पुलिस जांच
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कंझावला मामले में सातवें आरोपी ने खुद ही सरेंडर कर दिया है. ये वहीं शख्स है जो इस पूरे केस को दबाने की कोशिश में लगा था. ये अपनी तरफ से पुलिस को गुमराह भी कर रहा था. लेकिन अब ये आरोपी भी पुलिस कस्टडी में पहुंच गया है.
कंझालवा मामले में सातवें आरोपी ने खुद ही दिल्ली पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है. ये वहीं शख्स है जो इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश में लगा था. लेकिन अब जब पुलिस पूछताछ काफी आगे बढ़ चुकी है, आरोपी ने खुद ही सामने से सरेंडर कर दिया है. उसे तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है. इस सातवें आरोपी का नाम अंकुश है, मामले में इसने भी बड़ी भूमिका निभाई है.
असल में अंकुश वहीं शख्स है जिसने पुलिस को गुमराह करने का काम किया था, उसकी तरफ से पूरी कोशिश हुई थी किसी तरह से इस घटना की जानकारी किसी को ना मिले. लेकिन जब पुलिस ने गाड़ी के मालिक को गिरफ्तार किया, अंकुश समझ गया कि वो ज्यादा दिनों तक खुद को नहीं बचा पाएगा. इसी वजह से अब शुक्रवार को उसने खुद ही पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. अभी तक पुलिस ने इस मामले में दीपक खन्ना, मनोज मित्तल, गाड़ी के मालिक आशुतोष को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के शक के घेरे में अंजलि की दोस्त निधि भी है जिस पर कई तरह से सवाल खड़े हो रहे हैं.
शुक्रवार को अंजलि के ही एक दूसरे दोस्त ने निधि की भूमिका को संदेहास्पद बना दिया है. उसने कहा कि अंजलि ने उस दिन मुझे ही फोन करके उस होटल में बुलाया था,मैं नहीं गया तो लड़का भेजकर बुलवाया, यही का है, दोस्त है हमारा. मैं उससे बात नहीं कर रहा था, वहां पर दो रूम बुक थे. एक में कुछ हमारे दोस्त थे मौजूद ,एक रूम में अंजलि और निधि मौजूद थे ,वह सब बीयर पी रहे थे, फिर झगड़ा शुरू हुआ निधि और अंजली का, निधि और अंजली का झगड़ा पैसों को लेकर था. निधि अपने पैसे अंजलि से मांग रही थी. उनमें हाथापाई हुई जिसके बाद करीब 1:30 बजे अंजलि निकल गयी थी, मैं वहां से बाद में गया था, मुझे अंजलि की मौत की जानकारी मीडिया से मिली.
अब एक तरफ अंजलि के दोस्त इस मामले को नए मोड़ दे रहे हैं तो लगातार पुलिस जांच भी अलग-अलग दावे कर रही है. पहले गाड़ी का ड्राइवर वाला दावा बदला गया, अब कहा जा रहा है कि इस मामले में पांच नहीं सात आरोपी थे. पुलिस का दावा है कि इस मामले में आरोपी पांच नहीं बल्कि सात हैं. दो आरोपी आशुतोष और अंकुश खन्ना हैं. अंकुश आरोपी दीपक का भाई है. पुलिस का कहना है कि वो इस मामले में मजबूत चार्जशीट बनाएगी ताकि कोई भी मुजरिम सजा से ना बच पाए. साथ ही स्पेशल सीपी ने साफ कर दिया कि अभी इस मामले की कंप्लीट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट आनी बाकी है. ये दोनों रिपोर्ट आ जाने के बाद तस्वीर कुछ साफ होगी.

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